पंचकूला। हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपनी संपत्ति का ब्यौरा (प्रॉपर्टी रिटर्न) दाखिल करने को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मौलिक शिक्षा निदेशक (पंचकूला) की ओर से प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को एक ताजा रिमाइंडर (स्मरण पत्र) भेजा गया है। इस आदेश के तहत उनके अंतर्गत काम करने वाले क्लास-1, क्लास-2 और क्लास-3 (श्रेणी-1, 2 और 3) के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न आगामी 22 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से भरने के निर्देश दिए गए हैं।

पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन, पुराना बकाया भी चुकाना जरूरी

शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि केवल चालू वित्तीय वर्ष ही नहीं, बल्कि जिन कर्मचारियों की पिछले सालों की भी प्रॉपर्टी रिटर्न किसी वजह से पेंडिंग (लंबित) है, वे भी उसे तुरंत क्लियर करें। कर्मचारियों को अपनी अचल संपत्ति का यह पूरा लेखा-जोखा राज्य सरकार के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म intrahry.gov.in पर जाकर ऑनलाइन मोड में ही दर्ज करना होगा। मैन्युअल या ऑफलाइन माध्यम से दी गई जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी।

तीसरी बार जारी हुआ आदेश, अंतिम तारीख नजदीक आने पर याद दिलाया नियम

विभागीय पत्र के अनुसार, संपत्ति का विवरण देने को लेकर प्रशासन की तरफ से यह कोई पहला आदेश नहीं है। इससे पहले भी 18 मार्च 2019 और हाल ही में 13 मई 2026 को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। चूंकि अब विभाग द्वारा तय की गई आखिरी तारीख बेहद करीब आ चुकी है, इसलिए सभी कर्मचारियों को सचेत करने के उद्देश्य से यह अंतिम स्मरण पत्र जारी कर मुस्तैदी दिखाने को कहा गया है।

लापरवाही पर रुकेगा वेतन, जिला अधिकारियों को 'हाई प्रायोरिटी' के निर्देश

मुख्यालय ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी नियत समय सीमा के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन अपडेट करने में विफल रहता है और इस वजह से उसका मासिक वेतन (सैलरी) रुक जाता है, तो इसके लिए वह खुद पूरी तरह जिम्मेदार होगा। मौलिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला स्तरीय अफसरों को इस मुहिम को 'हाई प्रायोरिटी' (उच्च प्राथमिकता) पर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय रहते शत-प्रतिशत डेटा पोर्टल पर फीड किया जा सके।