400 में से 395 अंक, राजस्थान की स्टार शूटिंग खिलाड़ी ने जीता सम्मान
बालोतरा। यह बिल्कुल सच है कि प्रतिभा कभी किसी सुख-सुविधा या बड़े शहरों की मोहताज नहीं होती। इस बात को राजस्थान के सीमावर्ती और रेतीले बालोतरा जिले के बागावास गांव की बेटी राजश्री करणोत ने देश के बड़े मंच पर सच साबित कर दिखाया है। देहरादून की खूबसूरत वादियों में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की 'इंडिया... ओपन शूटिंग चैंपियनशिप 2026' में राजश्री ने अपनी 10 मीटर एयर राइफल से ऐसा सटीक निशाना साधा कि देश के बड़े-बड़े सूरमा देखते रह गए। सीनियर महिला वर्ग के इस बेहद कड़े मुकाबले में राजश्री ने 400 में से 395 अंकों का वर्ल्ड-क्लास स्कोर खड़ा कर सिल्वर मेडल (रजत पदक) पर कब्जा जमाया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर अब उनका चयन भारत की नेशनल शूटिंग टीम के लिए हो गया है, जहाँ वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगे का मान बढ़ाएंगी।
रेगिस्तान के धोरों में सुविधाओं की कमी, फिर भी नहीं मानी हार
राजश्री की इस ऐतिहासिक सफलता की खबर जैसे ही बालोतरा के बागावास गांव पहुंची, पूरा क्षेत्र जश्न और आतिशबाजी के उल्लास में डूब गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर बेटी की इस कामयाबी को सेलिब्रेट किया। पश्चिमी राजस्थान के इस ग्रामीण अंचल में आधुनिक शूटिंग रेंज और खेल संसाधनों का घोर अभाव था, लेकिन राजश्री के फौलादी इरादों और अनुशासन के आगे परिस्थितियां बौनी साबित हुईं। उनके माता-पिता के त्याग और खुद के अदम्य आत्मविश्वास ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी अगर ठान लें, तो वैश्विक स्तर पर परचम लहरा सकती हैं।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी और हरीश चौधरी ने दीं शुभकामनाएं
राजश्री की इस बड़ी अचीवमेंट की गूंज राजस्थान के सियासी गलियारों में भी साफ सुनाई दे रही है। मारवाड़ के दिग्गज युवा नेताओं ने सोशल मीडिया पर उनकी इस उपलब्धि की जमकर सराहना की है:
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विधायक रविंद्र सिंह भाटी का संदेश: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राजश्री को बधाई देते हुए लिखा कि सरहदी इलाके की इस बेटी का यह गौरवशाली प्रदर्शन क्षेत्र की हजारों अन्य बेटियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक नई उड़ान और हौसला देगा।
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विधायक हरीश चौधरी ने थपथपाई पीठ: बायतू विधायक हरीश चौधरी ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर सीधे देश की नेशनल टीम में जगह बनाना एक कठिन तपस्या का परिणाम है।
रूढ़ियों को तोड़ माता-पिता और कोच ने बनाया चैंपियन
सफलता के बाद मीडिया से बातचीत में राजश्री करणोत ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने परिवार और गुरु को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता प्रेमकरण सिंह करणोत और माता भरत कंवर ने समाज की रूढ़िवादी सोच की परवाह किए बिना हर मोड़ पर उनका साथ दिया। इसके अलावा, उनके कोच रजत सिंह की सटीक तकनीकी ट्रेनिंग और रणनीतियों की बदौलत ही वे 400 में से 395 अंकों का यह अविश्वसनीय स्कोर हासिल करने में सफल रहीं।
इंडिया ओपन शूटिंग चैंपियनशिप 2026: राजश्री का स्कोर कार्ड
| इवेंट का नाम | कुल अधिकतम अंक | राजश्री का स्कोर | हासिल पदक | आगामी मिशन |
| 10 मीटर एयर राइफल (सीनियर महिला) | 400 | 395 | रजत पदक (Silver) | इंटरनेशनल शूटिंग टूर्नामेंट (Team India) |
सीमावर्ती इलाकों की लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं राजश्री
बालोतरा की राजश्री करणोत की यह सफलता महज एक मेडल या नेशनल टीम का टिकट नहीं है, बल्कि यह बाड़मेर-बालोतरा जैसे सीमावर्ती और ग्रामीण अंचलों की उन हजारों बेटियों के लिए एक मील का पत्थर है जो लीक से हटकर स्पोर्ट्स या अन्य क्षेत्रों में देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। राजश्री ने अपनी सफलता से यह संदेश दिया है कि यदि आपके सपनों में जान है, तो रेगिस्तान की रेतीली जमीन से भी देश को मेडल दिलाने वाले चमकते सितारे पैदा हो सकते हैं।


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