डबल मर्डर केस में हत्या का खौफनाक तरीका आया सामने, जांच तेज
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में यशोदानगर चौराहे के पास रविवार शाम को सरेराह हुए शिवनारायण त्रिवेदी और उनके बेटे शिवम के दोहरे हत्याकांड में हमलावरों की बर्बरता की खौफनाक कहानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उजागर हुई है। डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक, कातिलों ने दोनों पीड़ितों को संभलने या बचने का रत्ती भर भी मौका नहीं दिया। उनके शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों जैसे दिल, छाती, पेट और पीठ को निशाना बनाकर चाकुओं से अंधाधुंध वार किए गए। शरीर से अत्यधिक खून बह जाने, गहरे जख्मों और गहरे शॉक (सदमे) के कारण दोनों की मौत हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्रूरता की हदें पार
सोमवार को रामनगर सजारी निवासी पिता शिवनारायण (64 वर्ष) और पुत्र शिवम (26 वर्ष) के शवों का विच्छेदन (पोस्टमार्टम) किया गया।
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पुत्र शिवम पर 7 वार: शिवम पर सबसे घातक हमले हुए। डॉक्टरों के अनुसार, उसके दिल के बाईं तरफ लगातार तीन बार चाकू घोंपा गया। इसके अतिरिक्त, पेट के निचले हिस्से और पीठ पर भी गहरे घाव थे। उसके पूरे शरीर पर चाकू के 7 गहरे निशान मिले हैं, जबकि सिर, आंख और पैरों पर भारी वस्तु या हेलमेट से पीटे जाने के निशान हैं।
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पिता शिवनारायण पर 4 वार: बुजुर्ग शिवनारायण के सीने के बिल्कुल बीचोबीच दो बड़े घाव मिले। इसके अलावा पेट और पीठ के दाहिने हिस्से में चाकू मारा गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों के शरीर पर मिले घावों की गहराई 3 से 6 सेंटीमीटर तक थी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में आक्रोश
दोहरे मर्डर की खबर फैलते ही सिकठिया और रामनगर सजारी गांव के सैकड़ों लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। घटना को लेकर स्थानीय जनता में भारी गुस्सा देखा गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहा। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब एम्बुलेंस से दोनों शवों को अंतिम दर्शन के लिए उनके पुराने आवास (कांशीराम कॉलोनी) लाया गया, तो वहां कोहराम मच गया। मृतक शिवनारायण की पत्नी सुधा अपने पति और जवान बेटे के शवों को देखकर बेहाल हो गईं और रोते हुए आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग करने लगीं। इसके बाद दोनों शवों को पैतृक गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
पुलिस जांच के अनुसार, चकेरी क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी निवासी शिवनारायण अपने दोनों बेटों शिवम और सत्यम के साथ किदवईनगर की एक मार्बल दुकान में काम करते थे। रविवार रात को काम खत्म करके तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। तभी विराट नगर चौकी के समीप वृंदावन गेस्ट हाउस के पास विपरीत दिशा से आ रही एक दूसरी मोटरसाइकिल से उनकी भिड़ंत हो गई।
दूसरी बाइक पर सिमरा गांव का रहने वाला करन वर्मा, उत्सव अवस्थी और श्यामनगर निवासी शिवा वर्मा सवार थे। टक्कर होते ही करन और उसके दोस्त आगबबूला हो गए। उन्होंने पहले हेलमेट से पिता-पुत्रों पर हमला किया और फिर करन ने अपनी कमर से धारदार चाकू निकालकर शिवनारायण और शिवम पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा सत्यम घायल हो गया।
पुलिस मुठभेड़ में मुख्य शूटर समेत तीन गिरफ्तार
अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने भाग रहे एक आरोपी शिवा वर्मा को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया था। मुख्य आरोपी करन और उत्सव मौके से पैदल ही फरार हो गए थे।
सोमवार तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी बंबा मार्ग से हमीरपुर रोड की ओर भागने की फिराक में हैं। आवास विकास हंसपुरम इलाके में घेराबंदी के दौरान जब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की, तो मुख्य आरोपी करन वर्मा और उसकी मदद कर रहे समीर ने पुलिस पर अवैध असलहे से फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ चलाई गई जवाबी गोली करन के दोनों पैरों में लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने करन और समीर को दबोचने के बाद उनकी निशानदेही पर कुछ दूरी पर छिपे तीसरे आरोपी उत्सव अवस्थी को भी गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में घायल बेटे सत्यम की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। मुख्य अभियुक्त करन वर्मा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।


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