राम रहीम की फरलो पर सियासत गरम, 30 दिन के लिए बाहर आया डेरा प्रमुख
रोहतक। हरियाणा की रोहतक स्थित सुनारिया जेल में विभिन्न मामलों में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम मंगलवार सुबह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। इस बार उसे प्रदेश सरकार की ओर से 30 दिनों की फरलो (Furlough) दी गई है। जेल से रिहा होने के बाद सुबह ठीक 6 बजकर 32 मिनट पर राम रहीम अपनी करीबी हनीप्रीत और अन्य सहयोगियों के साथ लैंड क्रूजर और फॉर्च्यूनर गाड़ियों के काफिले में सिरसा डेरे के लिए रवाना हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर इस काफिले के साथ पुलिस की गाड़ियां भी तैनात रहीं। इससे पहले इसी साल जनवरी महीने में उसे 40 दिनों की पैरोल मिली थी।
हनीप्रीत खुद पहुंची लेने, आधे घंटे में पूरी हुई कागजी प्रक्रिया
राम रहीम को जेल से सुरक्षित ले जाने के लिए मंगलवार सुबह करीब छह बजे ही सिरसा डेरे से दो लग्जरी गाड़ियां सुनारिया जेल के बाहर पहुंच चुकी थीं। डेरा प्रमुख को रिसीव करने के लिए हनीप्रीत खुद आई थी, जिसके साथ उनके वकील और निजी ड्राइवर भी मौजूद थे। जेल प्रशासन द्वारा तकरीबन आधे घंटे के भीतर सभी जरूरी कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं, जिसके तुरंत बाद गाड़ियों का काफिला राम रहीम को लेकर सिरसा के लिए रवाना हो गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बाईपास पर तैनात रहा भारी पुलिस बल
राम रहीम की जेल से रिहाई और मूवमेंट को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए आउटर हिसार बाईपास पर स्थित जेल मोड़ के पास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। राम रहीम अपनी इस 30 दिनों की फरलो की पूरी अवधि सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में ही बिताएगा, जहां सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
2017 से जेल में बंद है डेरा प्रमुख, अब तक 16वीं बार मिली राहत
उल्लेखनीय है कि पंचकूला की विशेष सीबीआई (CBI) अदालत ने साल 2017 में साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही वह रोहतक की सुनारिया जेल में अपनी सजा काट रहा है। जेल जाने के बाद से लेकर अब तक यह 16वां मौका है जब राम रहीम को पैरोल या फरलो के जरिए अस्थायी रूप से जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है।


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