कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद: हत्या कांड के बाद एक्शन मोड में पुलिस, सामोद SHO पर गिरी गाज
जयपुर | ग्रामीण इलाके के मनोहरपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रामावतार उर्फ पप्पू असवाल की बेरहमी से की गई हत्या के बाद पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के मुख्य आरोपी सोहेल खान को हिरासत में ले लिया है, लेकिन इसके बावजूद मृतक के परिजन जांच की दिशा और गति से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। इस बढ़ते असंतोष के बीच जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) हनुमान प्रसाद मीणा ने क्षेत्र के सात पुलिस थानों के प्रभारियों के तबादले के निर्देश जारी किए हैं।
पुलिस थानों के प्रभारियों में फेरबदल
जारी किए गए आधिकारिक आदेशों के तहत सामोद थाना प्रभारी गोपीराम की सेवाएं समाप्त कर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है और उनकी जगह हेमराज सिंह को सामोद थाने का नया जिम्मा सौंपा गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राजपाल सिंह को रायसर, मुकेश कुमार खड़ाड़िया को फागी, विक्रांत शर्मा को आंधी, संजय प्रसाद मीणा को दूदू और राजेश वर्मा को मौजमाबाद थाने की कमान सौंपी गई है।
परिजनों ने उठाए पुलिसिया जांच पर सवाल
इस बीच, वारदात के बाद मृतक भाजपा नेता के बेटे अमन असवाल और अन्य परिजनों ने सामने आकर अपना दुख साझा किया और पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया। अमन असवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तफ्तीश के नाम पर उनके परिवार को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि उनके परिवार को इंसाफ तभी मिलेगा जब इस जघन्य हत्याकांड की साजिश में शामिल हर एक चेहरे को बेनकाब कर उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने की मांग
मृतक के पुत्र ने घटनाक्रम से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि पकड़ा गया आरोपी खुद लोहे और कबाड़ से जुड़ा काम करता था, तो वह आखिर पक्षियों का पिंजरा खरीदने के बहाने रामावतार असवाल के पास क्यों गया था। परिजनों का मानना है कि इस पूरे मामले के पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष और तह तक जाकर जांच होनी चाहिए ताकि हत्याकांड का पूरा सच सबके सामने आ सके।


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