RSS मुख्यालय से लेकर CMO तक धमकी का दावा, पुलिस कर रही पड़ताल
मुंबई: महाराष्ट्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय और मुंबई, पुणे व नागपुर के महापौर (मेयर) कार्यालयों को बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी मिली। एक के बाद एक आए इन धमकी भरे ई-मेल के बाद पूरे राज्य का पुलिस महकमा और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। ऐहतियात के तौर पर प्रभावित इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह धमकी खुद को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' बताने वाले एक अज्ञात समूह की तरफ से ई-मेल के जरिए भेजी गई है। इसके तुरंत बाद कई सरकारी इमारतों को खाली कराकर डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई, हालांकि अभी तक कहीं से भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
पुणे महानगरपालिका से शुरू हुआ धमकियों का सिलसिला
बम की खबर सबसे पहले पुणे महानगरपालिका (PMC) के दफ्तर को ई-मेल के जरिए मिली। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फौरन पूरी बिल्डिंग को खाली कराया गया और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। इसके कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय को भी ठीक इसी तरह के धमकी भरे संदेश मिले।
इन ई-मेल संदेशों में जानबूझकर ‘खालिस्तान’, ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ और ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की गई है। संदेश में आरएसएस और सत्ताधारी दल के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं और ‘बदला, बदला, बदला’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए नागरिकों को अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति आगाह किया गया है।
नागपुर मेयर दफ्तर और हेडगेवार स्मृति भवन की बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नागपुर की मेयर नीता ठाकरे के आधिकारिक ई-मेल पर भी एक धमकी भरा पत्र आया, जिसमें यह झूठा दावा किया गया था कि महाल इलाके में स्थित आरएसएस के मुख्य कार्यालय और रेशीमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन के परिसर में टाइम बम (विस्फोटक) प्लांट कर दिए गए हैं।
इस इनपुट के मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अफसर और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) की टीमें तुरंत मौके पर रवाना की गईं। सुरक्षाबलों ने दोनों ही संवेदनशील परिसरों और उनके आसपास के रिहायशी इलाकों की बारीकी से जांच की। कई घंटों की मशक्कत के बाद जब कुछ नहीं मिला, तब अधिकारियों ने राहत की सांस ली और इसे एक 'फॉल्स अलार्म' (फर्जी धमकी) करार दिया।
साइबर सेल कर रही है ई-मेल के आईपी एड्रेस की जांच
सुरक्षा पुख्ता: भले ही ये धमकियां अफवाह साबित हुई हैं, लेकिन गृह विभाग के निर्देश पर नागपुर आरएसएस मुख्यालय और मंत्रालय (CMO) के आसपास सुरक्षा घेरा पहले से कहीं ज्यादा कड़ा कर दिया गया है।
तकनीकी तफ्तीश: मुंबई और पुणे पुलिस की संयुक्त साइबर सेल की टीमें इस बात का पता लगाने में जुट गई हैं कि इन ई-मेल्स को भेजने के लिए किस सर्वर और आईपी एड्रेस (IP Address) का इस्तेमाल किया गया था, ताकि देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके।


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