वेतन और भत्तों पर हो सकती है चर्चा, लखनऊ में आयोग सदस्यों की अहम बैठक
लखनऊ। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों के नए सैलरी स्ट्रक्चर को लेकर हलचल काफी बढ़ गई है। देश के तमाम सेवारत और रिटायर्ड केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन-भत्तों की रूपरेखा तैयार करने के लिए गठित आठवां केंद्रीय वेतन आयोग आगामी 22 और 23 जून को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दौरे पर रहेगा। अपने दो दिनों के इस महत्वपूर्ण दौरे में आयोग के सदस्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग केंद्रीय कर्मचारी संगठनों, ऑफिसर एसोसिएशनों और पेंशनर्स संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करेंगे और उनकी मांगों व सुझावों पर विचार करेंगे।
14 जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के लिए नया वेतनमान मंजूर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 14 जिला सहकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात मिली है। इन बैंकों के स्टाफ के लिए साल 2011 का वेतनमान स्वीकृत कर दिया गया है। यह अहम फैसला सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर की मौजूदगी में सोमवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।
उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक मुख्यालय के सभागार में हुई इस बैठक में तय हुआ कि बैंक कर्मियों को वर्ष 2011 का नया वेतनमान दिया जाएगा। प्रदेश के 16 नए लाइसेंस प्राप्त जिला सहकारी बैंकों में से छह बैंकों को इस फैसले का सीधा फायदा पहुंचेगा, जहाँ पिछले 30 सालों से अधिक समय से सैलरी रिवीजन रुका हुआ था। इसी तरह आठ अन्य जिला सहकारी बैंकों में भी करीब 20 वर्षों से वेतन पुनरीक्षण का मामला लंबित था। इस निर्णय से अब कुल 14 बैंकों के स्टाफ को वर्ष 2011 का वेतनमान मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इन जिलों के बैंकों को मिलेगा सीधा फायदा
जिन छह जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, उनमें बहराइच, बलिया, सुल्तानपुर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर और हरदोई शामिल हैं। इसके साथ ही देवरिया, गाजीपुर, वाराणसी, सीतापुर, अयोध्या, फतेहपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर के आठ अन्य बैंकों को भी इस सूची में जोड़ा गया है। बैठक के दौरान बाकी बचे 34 जिला सहकारी बैंकों के वेतन पुनरीक्षण को लेकर भी बातचीत हुई। इन्हें नाबार्ड (NABARD) द्वारा तय किए गए मानकों को पूरा करने के बाद इस योजना का लाभ दिया जाएगा।


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