एक कार के कई सौदे, पांच लोगों को लगाया चूना; आरोपी गिरफ्तार
बांसवाड़ा:क्षेत्रीय पुलिस महकमे को जालसाजी और धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है. कानून के शिकंजे में आया यह शातिर जालसाज बेहद चालाकी से लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहा था. स्थानीय पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सूचना पर तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोचने में कामयाबी हासिल की है. इस गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो परत-दर-परत ऐसे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है.
एक ही लग्जरी वाहन को कई खरीदारों को बेचकर लगाई बड़ी चपत
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे हैरान कर देने वाला पहलू आरोपी की कार्यप्रणाली है, जिसने एक ही चार पहिया एसयूवी वाहन को पांच अलग-अलग खरीदारों को बेचकर लाखों रुपये ऐंठ लिए. पुलिस तफ्तीश के अनुसार, शातिर ठग ने पहले एक व्यक्ति को करीब अठारह लाख रुपये में गाड़ी का सौदा कर उसे सुपुर्द किया, लेकिन बाद में किसी बहाने से चालाकी दिखाकर गाड़ी वापस अपने पास मंगा ली. इसके बाद उसने इसी गाड़ी को नए ग्राहकों को निशाना बनाने का जरिया बनाया. इस अनोखी धोखाधड़ी का शिकार हुए पीड़ितों को जब अपने साथ हुए धोखे का अहसास हुआ, तो उन्होंने न्याय के लिए पुलिस की शरण ली.
नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से करोड़ों की उगाही का खेल
गिरफ्तार किया गया आरोपी पूर्व में एक नामचीन सामाजिक और शैक्षणिक संस्था में ऊंचे पद पर कार्यरत था, जिसका फायदा उठाकर उसने समाज में अपनी अच्छी साख बना रखी थी. इस रसूख की आड़ में उसने सरकारी और निजी क्षेत्रों में अच्छे पदों पर स्थाई रोजगार लगवाने का झांसा देकर इलाके के सैकड़ों सीधे-साधे बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाया. जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती सुरागों से पता चला है कि नौकरी के इस कथित रैकेट के जरिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से युवाओं से लाखों-करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई है.
राजधानी में छिपकर गुजार रहा था दिन, पुराना आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने
वारदातों को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी पहचान छिपाकर जयपुर के एक वीआईपी इलाके में अपने कुनबे के साथ फरारी काट रहा था. गढ़ी थाना पुलिस ने उसके छिपने के ठिकाने पर सुनियोजित दबिश देकर उसे हिरासत में लिया है. रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि इस आरोपी के खिलाफ पहले भी दानपुर क्षेत्र सहित अन्य थानों में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के संगीन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. पूर्व में दर्ज कराई गई शिकायतों में इस गिरोह से जुड़े संस्था के कुछ अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों और अध्यापकों के नाम भी सामने आए थे, जिन्होंने इस ठगी नेटवर्क को चलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी.
पुलिस रिमांड में खुले कई राज, गिरोह के अन्य सहयोगियों की तलाश तेज
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आरोपी को क्षेत्रीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की विस्तृत तफ्तीश के लिए रिमांड पर ले लिया है. जांच अधिकारी अब इस बात का बारीकी से पता लगा रहे हैं कि ठगी का यह शिकार कितना बड़ा है और इसके तार किन-किन सफेदपोश लोगों से जुड़े हुए हैं. पुलिस टीम आरोपी के बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि ठगी गई रकम की शत-प्रतिशत रिकवरी की जा सके, साथ ही इस रैकेट में पर्दे के पीछे से सहयोग करने वाले अन्य सह-आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.


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