वसई: स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी से जुड़े साझेदार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने एक बड़ी और चौंकाने वाली साजिश का खुलासा किया है। शुरुआती जांच-पड़ताल से यह बात सामने आई है कि इस पूरी वारदात को किसी रंजिश के तहत नहीं, बल्कि भारी-भरकम वित्तीय लाभ और कंपनी पर पूर्ण आधिपत्य जमाने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से अंजाम दिया गया था।

शेयर बाजार के भारी नुकसान से उबरने के लिए बुना गया खूनी षड्यंत्र

पुलिस की गहराई से की गई तफ्तीश में पता चला है कि इस खौफनाक घटना के मुख्य सूत्रधार ने बाजार में पूंजी गंवाने के कारण उपजे गहरे आर्थिक संकट के चलते यह रास्ता चुना था। पीड़ित साझेदार द्वारा कंपनी के शेयरों के एवज में दी गई भारी-भरकम धनराशि को हड़पने और वापस करने से बचने के लिए आरोपी ने इस आपराधिक योजना की रूपरेखा तैयार की थी।

फैक्ट्री परिसर के बाहर घात लगाकर दिया गया था जानलेवा हमले को अंजाम

पूर्व नियोजित योजना के तहत आरोपियों ने उस समय को चुना जब पीड़ित अपनी फर्म से बाहर निकल रहा था। हमलावरों ने बेहद करीब से गोली चलाकर उनकी जान लेने का प्रयास किया और असफल होने पर हथियारों के बट से सिर पर प्रहार कर मौके से फरार हो गए, हालांकि समय पर अस्पताल पहुंचने से घायल की जान बचा ली गई।

तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस ने की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां

वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण, कॉलिंग डेटा रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया। पुख्ता खुफिया जानकारियों के आधार पर पुलिस का एक विशेष दल गठित कर अन्य राज्यों में दबिश दी गई और कई संदिग्धों को दबोच लिया गया।

विभिन्न राज्यों में छिपे मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में मिली बड़ी सफलता

पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई के तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से इस वारदात में संलिप्त मुख्य किरदारों को धर दबोचने में सफलता हासिल की है। स्थानीय पुलिस दल द्वारा की गई इस समन्वित कार्रवाई से इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हो चुका है और संलिप्त अन्य लोगों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।