भाजपा-कांग्रेस के 40 हजार के दावे से आगे निकले आंकड़े, 65,967 वोट कटे
पंचकूला: स्थानीय जिले के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के हालिया पुनरीक्षण कार्य के पश्चात चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। निर्वाचन से जुड़े रिकॉर्ड के अनुसार जिला स्तर पर हजारों की संख्या में मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए गए हैं, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जिले के प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों से हटाए गए हजारों नाम
आधिकारिक जानकारी के अनुसार पंचकूला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी संख्या में नाम विलोपित किए गए हैं, वहीं कालका विधानसभा क्षेत्र से भी हजारों मतदाताओं के नाम हटाए जाने की पुष्टि हुई है। दोनों ही क्षेत्रों को मिलाकर जिले भर से लगभग एक लाख मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं।
राजनीतिक दलों द्वारा पूर्व में जताई गई थी फर्जी मतदाताओं की आशंका
इससे पहले विभिन्न प्रमुख राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों द्वारा जिले के भीतर बड़ी संख्या में फर्जी और अमान्य मतदाताओं के मौजूद होने के दावे किए जाते रहे हैं। इन दलों का तर्क था कि सूचियों में गड़बड़ी के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिसे लेकर पूर्व में कानूनी मंचों पर याचिकाएं भी दायर की जा चुकी हैं।
न्यायालय में चली कानूनी लड़ाई और आंकड़ों की समानता
पूर्व के विधानसभा चुनावों के परिणामों के उपरांत पराजित हुए वरिष्ठ नेताओं द्वारा अदालतों में दायर की गई याचिकाओं में भी इसी प्रकार की अनियमितताओं और फर्जी मतदाताओं की संख्या का हवाला दिया गया था। अब पुनरीक्षण के बाद सामने आए इन नए आंकड़ों ने एक बार फिर उन पुरानी बहसों को पुनर्जीवित कर दिया है।
सार्वजनिक सूची की शुद्धता और आगामी तैयारियों को लेकर बढ़ती हलचल
इतने बड़े पैमाने पर नाम हटने के बाद स्थानीय स्तर पर मतदाता सूचियों की पारदर्शिता और शुद्धता को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मतदाता सूची के इस व्यापक संशोधन से आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी समीकरणों पर गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।


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