सोना हुआ सस्ता! दिल्ली से चेन्नई तक 22 और 24 कैरेट के नए भाव
नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार में पिछले एक सप्ताह के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। साप्ताहिक आधार पर 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दामों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों को राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं के रुख में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
साप्ताहिक आधार पर सोने और चांदी के दामों में गिरावट
बीते एक सप्ताह के भीतर देश भर में सोने की कीमतों में गिरावट का रुख रहा है। समीक्षाधीन अवधि में 24 कैरेट सोने के भाव में 710 रुपये तक की कमी आई है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 750 रुपये तक नीचे आई है। इसी प्रकार चांदी के दामों में भी साप्ताहिक आधार पर उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्राफा कारोबार में सुस्ती और फिर खरीदारी के नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।
प्रमुख महानगरों में सोने के ताजा खुदरा भाव
देश के बड़े शहरों में 2 अगस्त को सोने की खुदरा कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिला है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 144370 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट का भाव 132250 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु जैसे महानगरों में 24 कैरेट सोना 144220 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 132200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है, जबकि चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 144610 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्थानीय सराफा का हाल
वैश्विक बुलियन मार्केट में हाजिर सोना इस समय 4,049.83 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि हाजिर चांदी 57.76 डॉलर प्रति औंस पर बनी हुई है। घरेलू स्तर पर इंदौर सराफा बाजार में सोने का औसत भाव 1,41,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि चांदी का औसत भाव बढ़कर 2,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय करों और चुंगी के कारण सोने-चांदी की दरों में आंशिक भिन्नता पाई जाती है।
चांदी की मौजूदा कीमतें और कर रिटर्न के आंकड़े
वैश्विक और घरेलू संकेतों के बीच 2 अगस्त की सुबह चांदी की खुदरा कीमत 235000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। इसके अलावा आर्थिक मोर्चे पर आयकर रिटर्न फाइलिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं, जिसमें निर्धारण वर्ष के लिए 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न सफलतापूर्वक दाखिल किए जा चुके हैं, जो देश में बढ़ते कर अनुपालन और वित्तीय जागरूकता को दर्शाता है।


व्यापार से स्वच्छ ऊर्जा तक भारत-जर्मनी की बढ़ेगी साझेदारी, PM मोदी ने की बात
शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान