पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग से रेलवे में हड़कंप, कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में स्थित सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। समस्तीपुर से सहरसा की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन के इंजन और उससे सटी एक बोगी में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना तड़के लगभग 3 बजे की है, जब अंधेरे के बीच ट्रेन से उठती ऊंची लपटों और धुएं के गुबार को देखकर पूरे स्टेशन परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
मुस्तैदी से टली बड़ी जनहानि, नींद में सो रहे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
जैसे ही ट्रेन सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर रुकी, उसके इंजन से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते लपटों ने पास वाली बोगी को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस समय ट्रेन में सवार अधिकांश यात्री सो रहे थे। आग और धुएं की भनक लगते ही कोच के भीतर चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। स्थानीय नागरिकों और रेलकर्मियों की त्वरित सूझबूझ तथा मुस्तैदी से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।
दमकल की टीमों ने ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
घटना की सूचना प्राप्त होते ही रेलवे सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग ढाई घंटे में आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। सुबह 5:30 बजे तक आग को पूर्ण रूप से बुझा दिया गया, जिसके पश्चात स्थिति सामान्य होने पर सुबह 6 बजे के बाद रेल यातायात पुनः शुरू कराया जा सका।
शॉर्ट सर्किट की आशंका के बीच कई ट्रेनें प्रभावित, जांच में जुटा रेल प्रशासन
सिमरी बख्तियारपुर के स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार सज्जन के अनुसार इस दुर्घटना के कारण रूट पर रेल परिचालन बाधित रहा। इसके प्रभाव से कोसी एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस, सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर और श्रावणी स्पेशल जैसी प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब से चलीं। प्राथमिक पड़ताल में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। प्रशासनिक और रेल अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी करते रहे, वहीं रेलवे ने हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।


व्यापार से स्वच्छ ऊर्जा तक भारत-जर्मनी की बढ़ेगी साझेदारी, PM मोदी ने की बात
शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान