जबलपुर में बयान के विरोध में प्रदर्शन, प्रशासन से कार्रवाई की मांग तेज
जबलपुर। भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा दी गई विवादित टिप्पणी पर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी विरोध प्रदर्शन जारी है। जबलपुर में विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ता बेलबाग थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की मांग की। विशेष बात यह रही कि इस मामले में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी मुखर होकर बयान की कड़ी निंदा की। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर महामंत्री मुज़म्मिल अली ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी धर्म या आस्था का अनादर समाज में वैमनस्य पैदा करता है और ऐसे तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सावन के पवित्र माह में धार्मिक भावनाएं आहत होने से हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास कुमार खरे ने कहा कि पवित्र सावन मास में इस प्रकार की अपमानजनक बयानबाजी से देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। कार्यकर्ताओं ने बेलबाग थाना पुलिस को शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस प्रशासन ने औपचारिक शिकायत दर्ज करने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर उचित वैधानिक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही पुलिस ने सभी नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने का अनुरोध किया है।
इंदौर के चंदन नगर में कांवड़ियों और सामाजिक संगठनों ने किया थाने का जोरदार घेराव
जबलपुर के अलावा इंदौर में भी विरोध की तीव्र ज्वाला देखने को मिली। चंदन नगर थाना क्षेत्र में अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांवड़ियों और स्थानीय निवासियों ने थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अविलंब आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग रखी। उनका कहना था कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो इस जनआंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
पुलिस ने वीडियो साक्ष्य और शिकायत आवेदन लेकर शुरू की गहन वैधानिक जांच
इंदौर में मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। एसीपी शिवेंद्र जोशी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से शिकायत आवेदन के साथ-साथ संबंधित बयान का वीडियो साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराया गया है। पुलिस साइबर सेल और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तथ्यों की निष्पक्ष जांच पूर्ण होते ही कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।


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