उपवास के दौरान रहना है फिट? कमजोरी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
हिंदू धर्म में सावन का पूरा महीना देवाधिदेव महादेव भगवान शिव की आराधना और उपासना के लिए सबसे पवित्र और उत्तम माना जाता है। इस पावन मास के दौरान देश भर में लाखों श्रद्धालु पूरे नियम-विधान से सोमवार का व्रत रखते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि और मनवांछित फल की प्रार्थना करते हैं। ऐसे में, यदि आप भी इस वर्ष पहली बार सावन सोमवार का व्रत रखने जा रहे हैं, तो केवल पारंपरिक और धार्मिक नियमों का पालन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी शारीरिक सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।
अक्सर जानकारी के अभाव में लोग पूरे दिन बिना पानी या अन्न के कठिन उपवास रख लेते हैं, जिससे शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, लो ब्लड शुगर और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, व्रत रखने से पहले सही शारीरिक तैयारी करना, संतुलित फलाहार लेना और अपने शरीर की प्राथमिक जरूरतों को समझना बहुत जरूरी है। कुछ छोटी-सी सावधानियों और सही खान-पान को अपनाकर आप न केवल अपने व्रत को बेहद सहज और सुरक्षित तरीके से पूरा कर सकते हैं, बल्कि पूरे दिन खुद को तरोताजा और ऊर्जावान भी महसूस करेंगे। आइए जानते हैं पहली बार सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ बेहद जरूरी स्वास्थ्य टिप्स।
1. शरीर को रखें हाइड्रेटेड (पर्याप्त पानी पिएं)
यदि आप निर्जला (बिना पानी के) व्रत नहीं रख रहे हैं, तो यह बात हमेशा ध्यान रखें कि पूरे दिन के दौरान आपके शरीर में पानी की कोई कमी न हो। लंबे समय तक बिना पानी के रहने से डिहाइड्रेशन, गंभीर सिरदर्द, चक्कर, अत्यधिक थकान और कमजोरी की शिकायत हो सकती है। इसलिए, व्रत के दौरान समय-समय पर सादा पानी, नारियल पानी, नींबू पानी या ठंडी छाछ का सेवन अवश्य करते रहें।
2. ऊर्जावान रहने के लिए खाएं फल और ड्राई फ्रूट्स
उपवास के दौरान शरीर को सही मात्रा में ऊर्जा और पोषण मिलना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में अपनी डाइट में केला, सेब, पपीता, अनार और मौसमी जैसे ताजे फलों को शामिल करें। इसके अलावा बादाम, अखरोट, मखाना, काजू, पिस्ता और किशमिश जैसे सूखे मेवे (Dry Fruits) शरीर को जरूरी प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन्स और मिनरल्स प्रदान करते हैं, जिससे दिनभर कमजोरी महसूस नहीं होती।
3. खाली पेट भूलकर भी न करें ज्यादा शारीरिक मेहनत
व्रत के दौरान शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम कैलोरी और ऊर्जा मिलती है। ऐसी स्थिति में भारी जिम वर्कआउट, कठिन व्यायाम, लंबी दौड़ या कोई अन्य भारी शारीरिक मेहनत करने से बचें, अन्यथा लो ब्लड प्रेशर, बेहोशी या चक्कर आने का खतरा बढ़ सकता है। यदि कोई जरूरी काम करना भी पड़े, तो बीच-बीच में पर्याप्त विश्राम करें और अपने शरीर द्वारा दिए जा रहे संकेतों को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।
4. पर्याप्त आराम और नींद लें
व्रत और उपवास के दौरान हमारा शरीर अपनी ऊर्जा बचाने का प्रयास करता है। इसलिए यह आवश्यक है कि आप भरपूर नींद लें और दिनभर की भागदौड़ के बीच जरूरत के मुताबिक थोड़ा आराम करें। व्रत के दिन लगातार काम करते रहना या रातभर जागने से मानसिक तनाव और शारीरिक थकान काफी बढ़ सकती है।
5. व्रत खोलते समय कभी न करें जल्दबाजी
पूरे दिन खाली पेट रहने के बाद शाम को अचानक बहुत भारी, मसालेदार या तला-भुना भोजन करना आपके पाचन तंत्र (Digestive System) पर अचानक भारी दबाव डाल सकता है। व्रत का पारण (खोलने) करते समय सबसे पहले एक गिलास पानी या ताजा नारियल पानी पिएं, इसके बाद थोड़े फल या कोई हल्का आहार लें। इसके बाद आप साबूदाना खिचड़ी, समक के चावल, दही या हल्की खिचड़ी जैसे आसानी से पचने वाले सात्विक खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।
6. किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं तो डॉक्टर से लें सलाह
यदि आप पहले से ही डायबिटीज (मधुमेह), हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड, किडनी की समस्या, हृदय रोग या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो सावन का व्रत रखने से पहले अपने चिकित्सक (Doctor) से परामर्श अवश्य करें। कई बीमारियों में समय पर दवा और नियमित खान-पान की आवश्यकता होती है, इसलिए बिना चिकित्सीय सलाह के लंबे समय तक भूखे रहना आपके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
7. घर के बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का रखें खास ख्याल
बच्चों और वृद्धजनों की पोषण संबंधी जरूरतें सामान्य वयस्कों से काफी अलग होती हैं। छोटे और बढ़ते बच्चों को लंबे समय तक भूखा रखना बिल्कुल भी उचित नहीं माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, बुजुर्गों में कमजोरी, लो ब्लड शुगर और डिहाइड्रेशन का खतरा बहुत जल्दी बनता है। यदि परिवार के बुजुर्ग व्रत रखना भी चाहें, तो उन्हें बीच-बीच में फलाहार, दूध, दही, जूस और हल्के पौष्टिक आहार का सेवन जरूर कराते रहना चाहिए।


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