सड़क पर गड्ढे ने छीनी जिंदगी, पति के सामने पत्नी की मौत से मचा कोहराम
भिवंडी। महाराष्ट्र के ठाणे-भिवंडी रोड पर रहानल गांव की सीमा के पास सड़क पर बने एक जानलेवा गड्ढे के कारण दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 46 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। ठाणे के मनोरमा नगर निवासी सुनीता अक्षयलाल पाल अपने पति अक्षय लाल पाल के साथ एक्टिवा स्कूटर से भिवंडी के अंजुर फाटा इलाके में नया फ्लैट देखने जा रही थीं। रहानल गांव के निकट कंक्रीट की सड़क पर बने गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था, जिसके चलते उनकी टू-व्हीलर अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में पति सड़क के किनारे गिरकर घायल हो गए, जबकि सुनीता सड़क के बीचों-बीच गिर गईं और पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गईं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, ट्रक चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी
हादसे की सूचना मिलते ही नारपोली थाना पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का मुआयना और पंचनामा पूरा करने के बाद मृतका के शव को पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए भिवंडी उपजिला अस्पताल भिजवा दिया। हादसे में घायल पति अक्षय लाल पाल का इलाज निकटतम अस्पताल में जारी है। नारपोली पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन व चालक के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बारिश के पानी से ढके गड्ढों से बढ़ रहे हादसे, प्रशासनिक लापरवाही से नागरिकों में आक्रोश
इस दुखद घटना के बाद भिवंडी शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों की जर्जर सड़कों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कंक्रीट की कई प्रमुख सड़कों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जो बारिश का पानी भरने के कारण वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। चालक गड्ढों का सही अंदाजा नहीं लगा पाते और उनके वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं, जिससे आए दिन बेकसूर लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने सड़कों के खराब रखरखाव को लेकर लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी व्यक्त की है।
गुस्साए परिजनों ने सड़क मरम्मत की उठाई मांग, पीड़ित परिवार के लिए की आर्थिक सहायता की अपील
घटना के बाद मृतक महिला के परिजनों और स्थानीय नागरिकों में भारी रोष देखा जा रहा है। आक्रोशित परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर बने इन जानलेवा गड्ढों को बिना किसी देरी के तुरंत भरा जाए ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि हादसे का शिकार हुए पीड़ित परिवार को शासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि इलाज और जीवनयापन में उन्हें कुछ सहारा मिल सके।


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