11 अगस्त से राज्यभर में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन, सरकार की बढ़ी चिंता
चंडीगढ़:हरियाणा में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने पूर्व घोषित आंदोलन के तहत प्रदेशभर के विभिन्न डिवीजन स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए। आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कई स्थानों पर किसान संगठनों और मजदूर संगठनों ने भी समर्थन जताते हुए कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
चरणबद्ध आंदोलन का किया गया ऐलान
आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। 4 और 5 अगस्त को विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे, जबकि 6 से 8 अगस्त तक प्रदेश की सभी सब-डिवीजनों में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता।
इन मांगों को लेकर हड़ताल पर अड़े कर्मचारी
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बिजली क्षेत्र में समानांतर लाइसेंस व्यवस्था, कृषि क्षेत्र के लिए अलग डिस्कॉम बनाने की योजना और स्मार्ट मीटरिंग जैसी नीतियों का विरोध करना है। इसके साथ ही ठेका कर्मचारियों को नियमित करने, जोखिम भत्ता बढ़ाने, निजीकरण पर रोक लगाने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, बैकलॉग पद भरने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग भी की जा रही है।
सरकार से बातचीत की मांग, देशभर में मिल सकता है समर्थन
कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सरकार और बिजली निगम प्रबंधन ने हड़ताल के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर संवाद के बजाय कुछ क्षेत्रों में निजी एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने और प्रस्तावित हड़ताल को टालने के लिए जल्द पहल करने की अपील की है। साथ ही, अन्य राज्यों के बिजली कर्मचारी संगठनों से भी आंदोलन को समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है।


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