जिलाध्यक्ष के नाम के नारे पर टोका, बैठक में कार्यकर्ताओं को मिली नसीहत
जयपुर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की पहले दी गई नसीहत के बावजूद, राजधानी जयपुर में आयोजित नगर निगम और पंचायत चुनावों की तैयारियों से जुड़े जिला कांग्रेस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं के समर्थन में जमकर नारेबाज़ी की गई। इस घटना ने एक बार फिर आंतरिक अनुशासन का मुद्दा खड़ा कर दिया।
जिलाध्यक्ष और नेताओं ने लगाई कड़ी फटकार
कार्यक्रम के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के पीसीसी पहुंचने पर उनके समर्थन में नारे गूंजे, और बाद में बैठक के भीतर भी नेताओं के नाम के नारे लगने लगे। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा और विधायक रफीक खान ने कार्यकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल पार्टी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के ही नारे लगाए जाएं।
टिकट वितरण और बूथ स्तर की रणनीति पर मंथन
इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी स्थानीय चुनावों के लिए फीडबैक लेना और वार्ड व बूथ स्तर पर जीत की अचूक रणनीति तैयार करना था। नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी चुनौतियों से निपटने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
भीतरघात और चुनाव हारने का मुद्दा उठा
बैठक के दौरान मालवीय नगर से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना शर्मा और हवामहल से प्रत्याशी रहे आरआर तिवाड़ी ने तीखा बयान देते हुए कहा कि उन्हें पार्टी के ही भीतरघातियों यानी 'जयचंदों' ने हराया है। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि यदि अपने ही कार्यकर्ता प्रत्याशियों को हराएंगे, तो पार्टी के लिए जीत हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।


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