स्पोर्ट्स टीचरों ने लगाई गुहार, शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग
दुर्ग| छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अपनी लंबित और बहुप्रतीक्षित भर्ती की मांग को लेकर प्रदेशभर से आए सैकड़ों व्यायाम शिक्षक (स्पोर्ट्स टीचर्स) ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात की। इन शिक्षकों का मुख्य आरोप है कि हाल ही में सरकार द्वारा घोषित 3,000 शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया में खेल शिक्षकों (स्पोर्ट्स टीचर) का एक भी पद शामिल नहीं किया गया है, जिसके चलते राज्यभर के हजारों प्रशिक्षित युवाओं और अभ्यर्थियों में भारी असंतोष और नाराजगी व्याप्त है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि पूर्व में प्रस्तावित भर्तियों में व्यायाम शिक्षकों के लगभग 300 पद निर्धारित किए गए थे, लेकिन अंतिम विज्ञापन जारी होते ही उन पदों को हटाकर अन्य विषयों के पदों में वृद्धि कर दी गई।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हवाला देकर उठाई नियुक्ति की मांग
प्रतिनिधिमंडल में शामिल स्पोर्ट्स टीचर रामेश्वरी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में लागू नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूली स्तर पर शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय बनाया जा चुका है और इसके लिए बाकायदा पाठ्यपुस्तकें भी जारी कर दी गई हैं। इसके बावजूद सरकारी विद्यालयों में व्यायाम शिक्षकों के पद सृजित कर नियुक्तियां न किए जाने से इस नीति का मूल उद्देश्य अधूरा साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों और खेल अकादमियों में स्पोर्ट्स शिक्षकों के रिक्त पड़े होने के कारण विद्यार्थियों को उचित और पेशेवर प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों के प्रदर्शन पर पड़ रहा है।
वर्ष 2019 के बाद से नहीं हुई कोई सीधी भर्ती
आंदोलनकारी शिक्षकों ने जानकारी दी कि राज्य में व्यायाम शिक्षकों के पदों पर आखिरी बार सीधी भर्ती वर्ष 2019 में आयोजित की गई थी। इसके बाद से अब तक इस वर्ग के लिए कोई नया भर्ती विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्ष 2023 से लगातार शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं और उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिल रहे हैं।
जब शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात की, तो मंत्री महोदय ने वर्ष 2027 में भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने का भरोसा दिलाया। हालांकि, आक्रोशित अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि वे अब मात्र मौखिक आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, बल्कि उन्हें जल्द से जल्द भर्ती का आधिकारिक और लिखित नोटिफिकेशन चाहिए।
बड़ा आंदोलन छेड़ने की दी चेतावनी
नाराज व्यायाम शिक्षकों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि शासन स्तर पर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले छह महीनों से लगातार शिक्षा विभाग और मंत्रालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ तारीखें और आश्वासन ही मिले हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।


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