वाहनों तक की जानकारी का जिक्र, धमकी भरे पत्र ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
श्रीनगर। सोशल मीडिया पर एक आतंकी संगठन की कथित धमकी भरी चिट्ठी वायरल होने के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय और घाटी में तैनात विस्थापित कर्मचारियों में भारी गुस्सा और दहशत का माहौल है। 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' के लेटरहेड पर जारी इस पत्र में विस्थापित कश्मीरी पंडितों को सीधे तौर पर निशाना बनाने की बात कही गई है।
पत्र में व्यक्तिगत विवरण और भड़काऊ चेतावनी
वायरल पत्र में कई विस्थापित कश्मीरी पंडितों के नाम, उनके वर्तमान निवास स्थान और उनके वाहनों के नंबर तक दर्ज किए गए हैं। पत्र में अत्यधिक भड़काऊ भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें अंजाम भुगतने की सीधी चेतावनी दी गई है। सुरक्षा को लेकर बढ़ते खतरे के बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने इस पत्र को सोशल मीडिया मंच 'X' पर प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को टैग करते हुए कड़ी सुरक्षा की मांग की है।
श्रीनगर प्रशासन का सुरक्षात्मक कदम
गौरतलब है कि घाटी में सुरक्षा की स्थिति और कश्मीरी पंडितों सहित अन्य अल्पसंख्यक कर्मचारियों की चिंताओं को देखते हुए श्रीनगर प्रशासन ने हाल ही में एहतियाती कदम उठाए थे। प्रशासन ने श्रीनगर में कार्यरत पीएम पैकेज, नॉन-पीएम पैकेज और अन्य प्रवासी कर्मचारियों (लगभग 2,800 कर्मचारी) को 20 अगस्त 2026 तक कार्यालयों में भौतिक उपस्थिति (Physical Attendance) से विशेष छूट प्रदान की थी। इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले आधिकारिक कार्यक्रमों की ड्यूटी से भी इन कर्मचारियों को अलग रखा गया था।


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