स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) लेते समय अधिकांश लोग केवल अपनी वर्तमान आय को आधार बनाकर कवरेज की राशि तय करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है। पॉलिसी चुनते समय उम्र, आश्रित सदस्यों, निवास के शहर और भविष्य में चिकित्सा लागत में होने वाली वृद्धि (Medical Inflation) का आकलन करना अधिक आवश्यक है। सामान्य परिस्थितियों में छोटे शहरों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये तथा बड़े महानगरों के लिए 15 से 25 लाख रुपये का कवर उपयुक्त माना जाता है। गंभीर बीमारियों के जोखिम और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 50 लाख या 1 करोड़ रुपये तक का सुरक्षा कवर भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

बढ़ती चिकित्सा महंगाई और कवर की आवश्यकता

देश में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी महंगाई की दर लगभग 12 से 14 प्रतिशत सालाना दर्ज की जा रही है। इसके चलते पहले पर्याप्त माना जाने वाला 5 से 10 लाख रुपये का कवर अब बड़ी बीमारियों के सामने कम पड़ सकता है। प्रमुख महानगरों के अस्पतालों में हृदय शल्य चिकित्सा (Heart Surgery) या कैंसर उपचार का एक चरण ही 15 से 25 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। बीमा दावों से जुड़े आंकड़ों के अनुसार कुल क्लेम लागत में कैंसर और हृदय संबंधी रोगों की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत से अधिक है। कई मामलों में व्यक्तिगत गंभीर बीमारियों के उपचार का खर्च 35 से 40 लाख रुपये तक चला जाता है।

पारिवारिक फ्लोटर और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतें

फैमिली फ्लोटर पॉलिसी एक साथ पूरे परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का किफायती माध्यम है, लेकिन इसके तहत कुल बीमा राशि पर्याप्त बड़ी होनी चाहिए। परिवार में वरिष्ठ माता-पिता के लिए अलग से पॉलिसी लेना अधिक फायदेमंद रहता है। आंकड़ों के अनुसार 60 वर्ष की आयु के बाद चिकित्सा उपचार का औसत खर्च 2.7 गुना तक बढ़ जाता है। वरिष्ठ नागरिकों के दावों की औसत राशि युवाओं की तुलना में काफी अधिक होती है, इसलिए उनके लिए स्वतंत्र स्वास्थ्य कवर का चयन करना वित्तीय रूप से सुरक्षित रहता है।

भविष्य की सुरक्षा और समय पर कवरेज का चयन

उम्र बढ़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य जोखिम और संभावित चिकित्सा खर्च दोनों बढ़ते हैं। 30 वर्ष की आयु में जो सुरक्षा राशि पर्याप्त प्रतीत होती है, महंगाई दर के प्रभाव से 50 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते उसके कई गुना बड़े कवर की आवश्यकता पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि कम उम्र में ही पर्याप्त बड़ा बीमा कवर ले लेना चाहिए, क्योंकि उम्र बढ़ने या किसी बीमारी के सामने आने के बाद कवरेज सीमा बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।