भिलाई: छत्तीसगढ़ में स्टेट जीएसटी (State GST) विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भिलाई स्थित हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के कार्यालय और बलौदाबाजार स्थित यार्ड पर एक साथ छापेमारी की है। लगभग 25 सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने करीब 10 घंटे तक चली इस लंबी जांच के दौरान कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स को बारीकी से खंगाला।

जीएसटी विभाग की लंबी छापेमारी और दस्तावेज जब्त

स्टेट जीएसटी की टीम ने भिलाई के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय में पहुंचकर खरीद-बिक्री, भुगतान और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजातों की जांच की। इसके साथ ही, डिजिटल डेटा और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का बैकअप भी लिया गया। वहीं, बलौदाबाजार स्थित यार्ड से पुराने रजिस्टर, वाहन खरीदी के कागजात, टैक्स रसीदें और विभिन्न कंपनियों में अटैच वाहनों का पूरा विवरण जब्त किया गया है।

1500 से अधिक ट्रकों के संचालन और टैक्स चोरी की शिकायत

विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि यह कंपनी अपने कारोबार में भारी वृद्धि के बावजूद घाटा दिखाकर कम टैक्स जमा कर रही है। कंपनी के बेड़े में 1500 से अधिक ट्रक, डंपर और बड़े ट्रेलर शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ की खदानों, भिलाई स्टील प्लांट सहित देश के अन्य हिस्सों में संचालित होते हैं। अधिकारी अब कंपनी के पास मौजूद वाहनों की वास्तविक संख्या और उनके पंजीयन का कारोबार से मिलान कर रहे हैं।

बोगस बिलिंग और एक ही नंबर पर कई वाहन चलाने का संदेह

तलाशी के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर बोगस बिलिंग, कच्चे में लेन-देन और कैश कारोबार से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा, विभाग को यह शिकायत भी मिली थी कि भिलाई और बलौदाबाजार समेत कई जिलों में एक ही पंजीयन नंबर पर कई ट्रकों का संचालन किया जा रहा था। इन सभी बिन्दुओं की पुष्टि के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से भी रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। जब्त दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही कंपनी की वास्तविक टैक्स चोरी और देनदारी का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।