सीकर | अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री और दंडी स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने हाल ही में सीकर प्रवास के दौरान विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुई बयानबाजी, न्यायपालिका के फैसलों, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दी गई चुनौती और वैश्विक परिदृश्य को लेकर कई तीखी और महत्वपूर्ण बातें कहीं हैं।

युवा पीढ़ी और विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने जंतर-मंतर पर नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी भाषा का प्रयोग करने वाले लोग देश की युवा पीढ़ी या 'जेन-जी' का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि यह केवल मानसिक और वैचारिक हताशा को दर्शाता है। उनके अनुसार, देश के असली युवा अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े हुए हैं और अनुशासित जीवन जीते हैं।

न्यायपालिका की टिप्पणियां और राहुल गांधी को चुनौती

न्यायपालिका के कुछ फैसलों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि समाज कानून की किताबों से पहले नैतिक मूल्यों और संस्कारों से चलता है। इसके साथ ही, उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को खुले मंच से सभी धर्मों के ग्रंथों और उनमें महिलाओं की स्थिति पर तुलनात्मक विमर्श करने की सीधी चुनौती दी है, साथ ही विभिन्न वैचारिक धाराओं पर खुली बहस की बात कही है।

राजनीति, योगी आदित्यनाथ का मॉडल और विश्व युद्ध की भविष्यवाणी

राजनीति में संन्यासियों की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली को सराहा और उन्हें इस मामले में एक अपवाद बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने राज्य में कानून का शासन स्थापित किया है। इसके अलावा, वैश्विक हालातों पर बात करते हुए उन्होंने अंदेशा जताया कि आने वाले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े भू-राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिसमें भारत एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर सकता है।