एमपी में अगले तीन दिन बरसेंगे बादल, कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की तूफानी विदाई के साथ ही झमाझम बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। अगस्त के महीने में भी बादलों ने पूरे प्रदेश को सराबोर कर रखा है। कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों तथा सड़कों पर जलजमाव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बुधवार (26 अगस्त) को दतिया, भिंड और सागर सहित तीन जिलों में अति-भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
खरगोन में सर्वाधिक 24 मिमी बारिश दर्ज
बीते मंगलवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। आंकड़ों के अनुसार खरगोन में सबसे अधिक 24 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा जबलपुर में 9 मिमी, सतना में 7 मिमी और बैतूल में 6 मिमी पानी बरसा। वहीं भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, खजुराहो, मंडला, रतलाम और सीधी जैसे प्रमुख शहरों में दिन भर हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी का दौर चलता रहा।
16 जिलों में गरज-चमक का अलर्ट और 40 किमी की रफ्तार से हवाएं
मौसम केंद्र की चेतावनी के अनुसार ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इसके साथ ही विदिशा, रायसेन और सीहोर समेत प्रदेश के 16 अन्य जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। राजधानी भोपाल, नर्मदापुरम और बैतूल सहित आसपास के इलाकों में बदरा मध्यम रूप से बरसते रहेंगे।
किसानों के लिए मौसम विभाग की विशेष एडवाइजरी
लगातार हो रही बारिश के कारण फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने अन्नदाताओं को खेतों में जमा अतिरिक्त पानी की तुरंत निकासी का प्रबंध करने की सलाह दी है। इसके साथ ही मौजूदा मौसम को देखते हुए फसलों में सिंचाई करने और कीटनाशक या रासायनिक खादों के छिड़काव को फिलहाल स्थगित रखने का सुझाव दिया गया है।


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