सूरत में बड़ा हादसा, 13 वर्षीय नावीद गंभीर रूप से घायल; डॉक्टरों ने सफल इलाज से बचाई जान
सूरत: शहर के उन इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला और चमत्कारिक मामला सामने आया है, जहां तीसरी मंजिल से नीचे गिरे एक तेरह वर्षीय बच्चे के गले से लोहे का नुकीला सरिया आर-पार निकल गया। गनीमत यह रही कि समय पर अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों की सूझबूझ से बच्चे की जान बचा ली गई है।
मदरसे की छत पर खेलते समय हुआ हादसा
सूरत के उन इलाके में तिरुपति नगर के पास स्थित एक मदरसे में तेरह वर्षीय नावीद रहकर पढ़ाई करता है। वह मूल रूप से अपने पैतृक गांव का रहने वाला है और वर्तमान में सूरत में अपने मामा सदरे आलम के पास रहता है। दोपहर के भोजन के बाद जब वह मदरसे की छत पर खेल रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह अचानक नीचे गिर गया। नीचे निर्माणाधीन साइट पर पड़े लोहे के सरिये पर गिरने से वह उसके गले के पिछले हिस्से को चीरता हुआ आगे की तरफ से बाहर निकल गया।
डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक निकाला सरिया
परिजन गंभीर हालत में बच्चे को तुरंत सूरत सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। मामले की नाजुकता को देखते हुए डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने बिना समय गंवाए आपातकालीन ऑपरेशन किया और बेहद सावधानी के साथ गले में फंसे सरिये को बाहर निकाला। फिलहाल डॉक्टरों ने बच्चे की हालत स्थिर बताई है और पूरी रिकवरी के लिए उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा है। एनेस्थीसिया का असर खत्म होने और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसे सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।


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