टिकट का इंतजार, नामांकन की शुरुआत! राजस्थान निकाय चुनाव में आज से दाखिल होंगे पर्चे
जयपुर | राजस्थान के कुल 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए चुनावी हलचल अब तेज हो गई है, क्योंकि आज से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, इस बार राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के पास नामांकन भरने के लिए व्यावहारिक रूप से केवल तीन दिन का ही समय बच पाएगा। बीच में 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के कारण अब केवल 27, 29 और 31 अगस्त को ही नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे।
पहले दिन निर्दलीय ठोकेंगे ताल, टिकट के लिए जबरदस्त रस्साकशी
नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन सबसे दिलचस्प नजारा देखने को मिल रहा है, क्योंकि सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने ही अभी तक अधिकांश वार्डों के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दोनों ही दलों द्वारा अपने टिकट 28 या 29 अगस्त को जारी किए जाने की संभावना है। ऐसे में आज यानी 27 अगस्त को मुख्य रूप से निर्दलीय उम्मीदवार और वे असंतुष्ट दावेदार नामांकन भरेंगे जिन्हें अपनी पार्टी से टिकट मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। टिकट पाने की चाह में बीजेपी और कांग्रेस के प्रदेश कार्यालयों में दावेदारों का भारी हुजूम उमड़ा हुआ है। दोनों ही दलों में पार्षद पद के टिकट के लिए लगभग एक लाख से अधिक आवेदन पहुंचे हैं, जिससे टिकट की दौड़ काफी दिलचस्प हो गई है।
पाली, फतेहपुर और बीकानेर में मतदान की तारीखों में बदलाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने विभिन्न धार्मिक पर्वों और स्थानीय प्रशासनिक परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए कुछ चुनिंदा निकायों में वोटिंग की तारीखों में संशोधन किया है:
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पाली नगर निगम: अब 9 सितंबर के स्थान पर 11 सितंबर को मतदान होगा।
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फतेहपुर नगर परिषद: अब 11 सितंबर की जगह 9 सितंबर को वोट डाले जाएंगे।
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बीकानेर नगर निगम: यहाँ भी मतदान की नई तारीख 11 सितंबर से बदलकर 9 सितंबर कर दी गई है।
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इसके अलावा, बीकानेर जिले की अन्य छह नगर पालिकाओं में भी अब 11 की बजाय 9 सितंबर को ही मतदान संपन्न होगा।
इसके साथ ही अजमेर और खैरथल-तिजारा जिलों के नगरीय निकायों में चुनाव की पूरी प्रक्रिया दो अलग-अलग चरणों में पूरी कराई जाएगी।
होम वोटिंग की सुविधा नहीं, बुजुर्गों को जाना होगा बूथ
इस बार के निकाय चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि लोकसभा या विधानसभा चुनावों की तरह घर से वोट डालने यानी 'होम वोटिंग' की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। वृद्ध, असमर्थ और बीमार मतदाताओं को भी अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पोलिंग बूथ तक खुद चलकर जाना होगा। बहरहाल, नामांकन का दौर शुरू होने के साथ ही प्रदेश के राजनीतिक दलों और चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।


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