तेज प्रताप यादव को कानूनी नोटिस, संजय सिंह ने 50 करोड़ के मानहानि दावे की दी चेतावनी
पटना। बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल के विधायक और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव तथा नीतीश सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री एवं महुआ विधायक संजय सिंह के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। मंत्री संजय सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता सुशील कुमार ने तेज प्रताप यादव को कानूनी नोटिस भेजकर सोशल मीडिया पर प्रसारित बयानों और आरोपों को झूठा, आधारहीन और मानहानिकारक बताया है। नोटिस में आपत्तिजनक सामग्री हटाने और स्पष्टीकरण देने की मांग के साथ 50 करोड़ रुपये के मानहानि दावे की चेतावनी दी गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत 29 अगस्त 2026 के आसपास हुई, जब तेज प्रताप यादव के अधिकृत सोशल मीडिया अकाउंट @TejYadav14 से एक पोस्ट साझा की गई। यह पोस्ट फेसबुक समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बड़े पैमाने पर प्रसारित हुई। कानूनी नोटिस के अनुसार, पोस्ट में मंत्री संजय सिंह के सार्वजनिक और निजी जीवन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए थे। इसमें कुछ महिलाओं का जिक्र करते हुए भी मंत्री पर निशाना साधा गया था। मंत्री पक्ष का आरोप है कि पोस्ट में किए गए आरोप अप्रमाणित और मनगढ़ंत हैं तथा इनके जरिए उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का सुनियोजित प्रयास किया गया।
इन्हीं आरोपों को आधार बनाते हुए मंत्री की ओर से भेजे गए नोटिस में 50 करोड़ रुपये के मानहानि दावे की चेतावनी दी गई है। हालांकि, कानूनी जानकारों के मुताबिक यह रकम फिलहाल कानूनी नोटिस में की गई मांग है और इसे अदालत द्वारा तय की गई अंतिम क्षतिपूर्ति नहीं माना जा सकता।
48 घंटे का अल्टीमेटम, पोस्ट हटाने की मांग
मंत्री संजय सिंह की ओर से भेजे गए नोटिस में तेज प्रताप यादव को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में मांग की गई है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सोशल मीडिया से सभी आपत्तिजनक पोस्ट और संबंधित सामग्री तत्काल हटाई जाए।
इसके साथ ही सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने और भविष्य में इस तरह के निराधार आरोप लगाने से परहेज करने को कहा गया है। अधिवक्ता ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में इन मांगों का पालन नहीं किया गया तो उनके मुवक्किल उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्रवाई भी शामिल है।
बिहार की सियासत में बढ़ी हलचल
कानूनी नोटिस सामने आने के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी पक्ष और विपक्षी खेमे के बीच इस हाई-प्रोफाइल विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। मंत्री संजय सिंह के करीबी इस नोटिस को उनकी राजनीतिक और सार्वजनिक छवि की रक्षा के लिए जरूरी कानूनी कदम बता रहे हैं। वहीं, राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ने के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।


डॉक्टर पर बेल्ट से हमला, सिर में आई गंभीर चोट; विरोध में आधे घंटे बंद रही इमरजेंसी
फीस जमा करने निकले दंपती को ट्रक ने कुचला, गोपालगंज में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत
किसानों की खुशहाली में देश की तरक्की, CM डॉ. यादव ने दिया बड़ा संदेश