मुंबई: शिवसेना के विधान परिषद सदस्य बच्चू कडू ने रविवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष और सचिव से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। यह मांग एफडीए निरीक्षक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अन्य विवादों के सामने आने के बाद की गई है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही एमपीएससी के तीन अधिकारियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की चेतावनी 

बच्चू कडू ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि आयोग के शीर्ष अधिकारियों को अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे खुद इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे इस संबंध में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से औपचारिक मांग करेंगे।

आयोग की कार्यप्रणाली और नियुक्तियों पर सवाल

कडू ने मांग की है कि एमपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों का किसी भी प्रकार का राजनीतिक जुड़ाव या संबंध नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने सुझाव दिया कि आयोग का सचिव राज्य सचिवालय कैडर के अधिकारी के बजाय एक वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी होना चाहिए। उन्होंने आयोग के वर्तमान संयुक्त सचिव और परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति की भी गहन जांच की मांग उठाई है, साथ ही यह आरोप लगाया है कि मंत्रालय कैडर के अधिकारियों को आयोग की मंजूरी के बिना प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।

महाराष्ट्र में पूर्व की प्रमुख पेपर लीक घटनाएं

  • 2018: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दौरान अंकों में हेरफेर और कथित अनियमितताएं सामने आईं।

  • 2020: महाराष्ट्र TET परीक्षा में ओएमआर शीट और सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ कर अंक बढ़ाने के आरोप लगे, जिसके बाद कई गिरफ्तारियां हुईं।

  • 2021: स्वास्थ्य विभाग की ग्रुप-C परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप लगे और ग्रुप-D परीक्षा को कथित पेपर लीक के चलते रद्द कर दोबारा आयोजित करना पड़ा।

  • 2021: महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) की भर्ती परीक्षा भी पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर नए सिरे से शुरू की गई।

  • 2026: हाल ही में 2026 की महाराष्ट्र TET परीक्षा को ऐन वक्त पर प्रश्न पत्र ज़ब्त होने के कारण टालना पड़ा, जिसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।