हाजीपुर। बिहार में आरक्षण की समीक्षा और वर्गीकरण के मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। राज्य सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने इस विषय पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो वे और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान दोनों एक साथ अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। हाजीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे यह सवाल किया गया कि बात इस्तीफे तक पहुंच गई है और इसमें पहल कौन करेगा, तब उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी।

'लगभग 80 साल बाद भी कई वर्ग पीछे छूटे'

मंत्री संतोष सुमन ने सामाजिक भेदभाव का हवाला देते हुए कहा कि आरक्षण की मूल परिकल्पना सामाजिक स्थिति के आधार पर की गई थी, लेकिन लगभग आठ दशक बीत जाने के बावजूद समाज के कई वर्ग आज भी विकास की दौड़ में पीछे छूटे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की कई जातियां अब भी अत्यंत पिछड़ी स्थिति में हैं और शिक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक सेवाओं में भी उनका प्रतिनिधित्व नगण्य बना हुआ है।

दायरा बढ़ाने या अलग श्रेणी के गठन की मांग

वंचित तबकों को मुख्यधारा में जोड़ने की वकालत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए या तो आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए अथवा उनके लिए एक पृथक श्रेणी बनाई जानी चाहिए ताकि वे अपनी ही श्रेणी के लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा कर सकें। अपनी बात को समझाते हुए उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि चार भाइयों में से एक प्रगति कर ले और बाकी तीन पीछे छूट जाएं, तो यह उस आगे बढ़े हुए भाई का दायित्व बनता है कि वह अपने अन्य भाइयों की सहायता करे।

NDA में मजबूती और मतभेदों की अटकलों को किया खारिज

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ किसी भी तरह के मतभेद की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों नेता एनडीए गठबंधन के भीतर पूरी तरह से मजबूत स्थिति में हैं और उनके व्यक्तिगत संबंध भी बेहद मधुर हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर राजनीतिक दल की अपनी स्वतंत्र वैचारिक पृष्ठभूमि और सोच होती है, जिसके कारण कुछ विशिष्ट मुद्दों पर दृष्टिकोण भिन्न हो सकते हैं।

क्रीमी लेयर और यूजीसी के मुद्दों पर रुख

क्रीमी लेयर के संदर्भ में स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनका आशय आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से कतई नहीं है, बल्कि उनका मुख्य ध्यान समाज के वास्तविक रूप से शोषित, वंचित और पिछड़े तबकों पर है। वहीं, यूजीसी से जुड़े हालिया सवालों पर उन्होंने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से बचते हुए केवल इतना कहा कि उनकी पार्टी अपने तय स्टैंड पर पूरी तरह कायम है और नियमों के अनुसार ही कार्य कर रही है।