प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए देशवासियों को बधाई दी है। सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए उन्होंने इस शानदार उपलब्धि को 140 करोड़ नागरिकों के अथक परिश्रम और सामूहिक सामर्थ्य का परिणाम बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में जारी व्यवधानों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है।

वैश्विक संकटों के बीच भारत का बढ़ता आर्थिक सामर्थ्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2020 की वैश्विक महामारी के बाद से दुनिया अब तक पूरी तरह स्थिरता हासिल नहीं कर पाई है। कई हिस्सों में जारी युद्ध और तनाव ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार व आपूर्ति श्रृंखला को गहरे संकट में डाला है। ऐसे मुश्किल वैश्विक माहौल में 7.8 फीसदी की जीडीपी विकास दर दर्ज करना देश के दृढ़ संकल्प और नागरिकों के पुरुषार्थ का सीधा प्रमाण है।

आंतरिक निराशा फैलाने वालों पर तंज

देश में फैलाई जा रही नकारात्मकता पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ओर देश वैश्विक चुनौतियों से जूझते हुए लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ तत्व समाज में झूठ और निराशा का वातावरण खड़ा करने में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तमाम विरोधों और संशयों के बावजूद हासिल की गई यह आर्थिक गति आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

स्वदेशी अपनाने और गैर-जरूरी खर्चों से बचने की अपील

अर्थव्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता के मंत्र को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया:

  • लोकल फॉर वोकल: नागरिकों से विदेशी वस्तुओं के स्थान पर 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया।

  • शादी व पर्यटन: विदेश में विवाह (डेस्टिनेशन वेडिंग) और अनावश्यक विदेशी दौरों से परहेज करने की सलाह दी गई।

  • सोने की खरीद: उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि जब तक नितांत आवश्यकता न हो, अनावश्यक रूप से सोना खरीदने से बचें, ताकि देश की पूंजी का उपयोग घरेलू आर्थिक विस्तार में हो सके।

2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प पर जोर

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि आजादी के शताब्दी वर्ष (2047) तक भारत पूरी तरह विकसित राष्ट्र बन जाएगा। उन्होंने कहा कि साफ नीयत और सही नीतियों के बल पर देश की वर्तमान पीढ़ी आने वाली पीढ़ी को एक समृद्ध भारत सौंपने की राह पर अग्रसर है। उन्होंने जनता से इस आर्थिक उपलब्धि का उत्सव मनाने के साथ-साथ भविष्य के नए लक्ष्यों के लिए एकजुट रहने की अपील की।