मुंबई। महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर बड़े राजनीतिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (UBT) के 20 में से 14 विधायक उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इन चर्चाओं के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अचानक दिल्ली दौरे और कैबिनेट बैठक से उनकी अनुपस्थिति ने इन अटकलों को और अधिक हवा दे दी है।

14 विधायकों के संपर्क में होने का दावा

शिंदे गुट के सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि उद्धव गुट के 14 विधायक लगातार उनके संपर्क में बने हुए हैं:

  • विधानसभा में स्थिति: महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना (UBT) के पास फिलहाल कुल 20 विधायक हैं। यदि इनमें से 14 विधायक पाला बदलते हैं, तो विधानसभा में ठाकरे गुट की ताकत बेहद सीमित रह जाएगी।

  • संभावित समयसीमा: सूत्रों के अनुसार, इन विधायकों का पार्टी प्रवेश आगामी नवरात्रि पर्व से पहले हो सकता है।

  • उद्धव गुट की प्रतिक्रिया: फिलहाल न तो संबंधित विधायकों के नाम सार्वजनिक हुए हैं और न ही उद्धव गुट की ओर से इस संभावित दलबदल पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

महायुति के तीन मंत्रियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

दावों के अनुसार, इन विधायकों को शिंदे गुट में शामिल कराने के लिए महायुति सरकार के तीन प्रमुख मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है:

  • क्षेत्रीय समन्वय: ये मंत्री कोंकण, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं।

  • मंत्रिपद और निगमों में हिस्सेदारी: चर्चा है कि पाला बदलने वाले 14 विधायकों में से लगभग 6 नेताओं को सरकार या विभिन्न महामंडलों (निगमों) में अध्यक्ष अथवा राज्यमंत्री स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

पूर्व में भी लग चुके हैं राजनीतिक झटके

यदि यह दावा सच साबित होता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा सियासी आघात होगा:

  • 2022 की बगावत: एकनाथ शिंदे ने करीब 40 विधायकों के साथ मिलकर नेतृत्व से बगावत की थी, जिसके परिणामस्वरूप महाविकास अघाड़ी सरकार गिरी थी और शिंदे मुख्यमंत्री बने थे।

  • सांसदों का दलबदल: इसके बाद 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव गुट के 9 में से 6 लोकसभा सांसद भी शिंदे गुट का दामन थाम चुके हैं।

फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में सभी की निगाहें उन 14 संभावित विधायकों के अगले कदम और आगामी घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।