PU प्रधान अंकित बिढान ने CJP आंदोलन पर उठाए सवाल, एंटी-सोशल तत्वों की भागीदारी का आरोप
चंडीगढ़ | पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) छात्र परिषद चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाले अंकित बिढान ने दावा किया है कि परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की यह जीत राज्य के राजनीतिक माहौल का संकेत है। उनका मानना है कि इस जीत की लहर का प्रभाव आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा और इसका प्रत्यक्ष लाभ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्राप्त होगा।
छात्र राजनीति में राजनीतिक दलों का हस्तक्षेप अनुचित
अंकित बिढान ने कहा कि इस चुनाव पर विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व की नजर बनी हुई थी। आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और उनका हस्तक्षेप उम्मीद से कहीं अधिक था, लेकिन विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों ने बाहुबल और धनबल को नकार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र संघ चुनावों में केवल छात्रों की ही सीधी भागीदारी होनी चाहिए।
छात्राओं के लिए ई-रिक्शा और 20 हजार फेलोशिप प्राथमिकताओं में शामिल
अपनी प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने बताया कि रक्षाबंधन पर छात्राओं से किए गए वादे के मुताबिक ई-रिक्शा सेवा शुरू कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके अलावा, गैर-जेआरएफ (Non-JRF) शोधार्थियों के लिए कम से कम 20 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति दिलाने और पीवीसी ऐप शुरू कराने के मुद्दों पर काम किया जाएगा।
स्मार्ट पहचान पत्र और सीसीटीवी से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था
परिसर की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि जल्द ही स्मार्ट पीवीसी पहचान पत्र व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे फर्जी प्रवेश पर रोक लगेगी। इसके साथ ही, अगले दो महीनों के भीतर परिसर के अंधेरे वाले क्षेत्रों में लाइटें लगाने और नए सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने का कार्य पूरा किया जाएगा। अपनी राजनीतिक यात्रा पर उन्होंने बताया कि बिना किसी पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के, एबीवीपी द्वारा मिली मदद से प्रेरित होकर वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए हैं।


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