पालघर। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। मुंबई से सटे पालघर स्थित रिलीफ अस्पताल में इलाज के बिल को लेकर हुए विवाद के बाद एक कर्मचारी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पूरी वारदात अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बिल के विवाद में रिसेप्शनिस्ट से मारपीट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिलीफ अस्पताल में एक घायल गोविंदा को उपचार के लिए लाया गया था। इलाज के बिल की राशि को लेकर अस्पताल प्रशासन और शिवसेना (शिंदे गुट) के स्थानीय पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि बात बढ़ने पर पदाधिकारियों और उनके समर्थकों ने अस्पताल के रिसेप्शनिस्ट के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की।

शिवसेना पदाधिकारियों सहित 11 पर केस दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। पालघर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिवसेना शिंदे गुट के जिला प्रमुख कुंदन संखे और विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित समेत कुल 11 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

अस्पतालों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर राज्य में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इससे पहले 6 जुलाई 2026 को डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में भी गर्भवती महिला के इलाज और बेड की उपलब्धता को लेकर शिंदे गुट के नेता रमेश म्हात्रे पर डॉक्टरों से बदसलूकी और मारपीट के आरोप लगे थे। पालघर की इस नई वारदात के बाद चिकित्सा संगठनों में भारी आक्रोश है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा अस्पतालों में सुरक्षा पुख्ता करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।