ई-चालान जमा नहीं किया तो अटकेंगे वाहन से जुड़े काम? 12 सितंबर को लोक अदालत में होगा समाधान
रायपुर: छत्तीसगढ़ में वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। यदि आपके वाहनों के यातायात ई-चालान का भुगतान लंबे समय से लंबित है, तो अब पंजीयन प्रमाण पत्र (RC), फिटनेस प्रमाणपत्र, परिवहन परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से संबंधित कई महत्वपूर्ण कार्य अटक सकते हैं। केवल राज्य की राजधानी में ही पुराने और नए मामलों को मिलाकर 1.25 लाख से अधिक ई-चालान लंबित हैं, जिनमें से लगभग 96,800 मामले न्यायालयों में प्रेषित किए जा चुके हैं।
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में होगा समाधान
लंबित ई-चालानों के त्वरित और सुगम निस्तारण के लिए 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है:
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पंजीयन अनिवार्य: वाहन स्वामी लोक अदालत में अपने लंबित चालानों का समाधान करा सकते हैं। इसके लिए पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिसके तहत इच्छुक आवेदकों को गुरुवार तक अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
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सहमति से निपटारा: लोक अदालत में प्रकरणों का निस्तारण उभय पक्षों की आपसी सहमति से किया जाता है, जिससे वाहन स्वामियों को लंबी अदालती कार्रवाई से राहत मिलती है।
कानूनी प्रावधान और लोक अदालत की व्यवस्था
कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22 (A) और 22 (B) के तहत जनोपयोगी सेवाओं के विवाद सुलझाने हेतु स्थायी लोक अदालतों का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर में वर्ष 2007 से तथा दुर्ग और अंबिकापुर में वर्ष 2011 से ये अदालतें कार्यरत हैं।
इन अदालतों में परिवहन, विद्युत, जलापूर्ति, डाक, टेलीफोन, स्वास्थ्य, बीमा, बैंकिंग और रियल एस्टेट जैसी सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े विवादों का एक ही दिन में त्वरित समाधान किया जाता है। देश भर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुलभ और शीघ्र न्याय प्रदान करना है।


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