पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने राष्ट्रीय टीम के मौजूदा संकट और गिरते प्रदर्शन को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। यूसुफ का मानना है कि वर्ष 2021 के टी20 विश्व कप में भारत के विरुद्ध मिली 10 विकेट की ऐतिहासिक जीत आगे चलकर पाकिस्तानी टीम के लिए बड़ी समस्या बन गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस मुकाबले के बाद खिलाड़ियों में अति-आत्मविश्वास आ गया, जिससे टीम की दिशा और अनुशासन पूरी तरह भटक गया।

भारत पर ऐतिहासिक जीत और उससे हुआ नुकसान

दुबई में खेले गए 2021 टी20 विश्व कप के मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत द्वारा दिए गए 152 रनों के लक्ष्य को बिना कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया था। विश्व कप इतिहास में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की यह पहली जीत थी। हालांकि, मोहम्मद यूसुफ के अनुसार, इस जीत ने पाकिस्तान क्रिकेट का सबसे अधिक नुकसान किया क्योंकि इसके बाद खिलाड़ियों ने मान लिया कि उन्होंने सबकुछ हासिल कर लिया है और वे आगे की रणनीतियों पर ध्यान देना भूल गए।

खिलाड़ियों के रवैये और कप्तानी की होड़ पर उठाए सवाल

यूसुफ ने खिलाड़ियों में आई अवांछित अकड़ और टीम के भीतर मची गुटबाजी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने के बाद खिलाड़ियों को विनम्र रहना चाहिए था, लेकिन अनादर और घमंड के कारण टीम में कई तरह की अंदरूनी समस्याएं पैदा हुईं। इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि टीम में कई खिलाड़ी एक साथ कप्तान बनने की होड़ में लग गए थे, जिसकी भारी कीमत आज भी पाकिस्तान क्रिकेट को चुकानी पड़ रही है।

खराब प्रदर्शन और जिम्मेदारी न लेने पर जाहिर की निराशा

हालिया वनडे और टी20 विश्व कप के साथ-साथ एशिया कप में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन पर बात करते हुए पूर्व कप्तान ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने लगातार खिलाड़ियों का समर्थन किया और व्यवस्था में कई बदलाव किए। अनेक विदेशी व स्थानीय कोच आए और गए, लेकिन इसके बावजूद किसी भी मुख्य खिलाड़ी ने मैदान पर उतरकर जिम्मेदारी से खेलने का प्रयास नहीं किया।