क्या मशीन ने पकड़ ली इंसानी बुद्धिमत्ता? GPT-6 Astra ने छेड़ी नई बहस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए तकनीकी क्रांति ने नया मोड़ ले लिया है। अग्रणी चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर घोषणा करते हुए दावा किया है कि दुनिया में ‘एजीआई’ (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) का आगमन हो चुका है। हुआंग का यह बड़ा बयान अनुसंधान संस्था व डेवलपर ओपनएआई द्वारा अपने सबसे उन्नत एआई मॉडल ‘जीपीटी-6 एस्ट्रा’ (GPT-6 Astra) के अनावरण के तत्काल बाद सामने आया है।
1 लाख से अधिक ब्लैकवेल जीपीयू पर तैयार हुआ मॉडल
जेन्सन हुआंग ने ओपनएआई की पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे तकनीकी इतिहास का निर्णायक मोड़ करार दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जीपीटी-6 एस्ट्रा को एनवीडिया के 1 लाख से अधिक अत्याधुनिक 'ग्रेस ब्लैकवेल एनवीलिंक72' जीपीयू क्लस्टर पर प्रशिक्षित किया गया है। आने वाले दिनों में 4 लाख और जीपीयू को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा, जिससे इस तकनीकी मॉडल की प्रोसेसिंग और विस्तार क्षमता अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच जाएगी। परंपरागत एआई के विपरीत एजीआई मानव मस्तिष्क की भांति किसी भी बौद्धिक कार्य को स्वतः समझने, सीखने और नए वातावरण में निर्णय लेने में सक्षम है।
बेंचमार्क नतीजों में असाधारण प्रदर्शन
ओपनएआई के अनुसार, जीपीटी-6 एस्ट्रा अब तक का सबसे सुरक्षित और तीव्र बौद्धिक मॉडल है। तकनीकी परीक्षणों में इसने गणित की अत्यंत जटिल परीक्षा 'फ्रंटियरमैथ टियर 4' में 98 प्रतिशत और 'एआरसी-एजीआई-3' मूल्यांकन में 99.9 प्रतिशत का असाधारण स्कोर दर्ज किया है। वहीं साइबर सुरक्षा से जुड़े 'एक्सप्लॉइटबेंच' टेस्ट में इसे शत-प्रतिशत (100%) सफलता हासिल हुई है। लॉन्च से पूर्व ही इस मॉडल ने गणित के कई अनसुलझे शोध प्रश्नों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
दैनिक कार्यों और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में स्वायत्तता
यह नया एआई मॉडल बिना इंसानी दखल के कंप्यूटर ब्राउजिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, जटिल कोडिंग, डेटा एंट्री और वेबसाइट टेस्टिंग जैसे प्रशासनिक व तकनीकी कार्यों को स्वायत्त रूप से अंजाम देने में सक्षम है। 'ओएसवर्ल्ड 2.0' परीक्षण के अनुसार, यह अपने पूर्ववर्ती मॉडल 'जीपीटी-5.6 सोल' की तुलना में 47 प्रतिशत कम समय में कार्य निष्पादित करता है। यह औसतन 40 मिनट की अवधि में 72.6 प्रतिशत की उच्च सफलता दर के साथ जटिल सिस्टम ऑपरेशंस पूरे कर सकता है।
सुरक्षा तंत्र और डेटा प्राइवेसी पर कड़ा नियंत्रण
सुरक्षा के मानकों पर मॉडल में व्यापक सुधार किए गए हैं। पूर्ववर्ती मॉडल की तुलना में जहां सुरक्षा कवच के अभाव में अनपेक्षित आउटपुट की दर 48 प्रतिशत थी, वहीं जीपीटी-6 एस्ट्रा में यह घटकर शून्य प्रतिशत पर आ गई है। कॉर्पोरेट व संस्थागत ग्राहकों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इसमें 'जीरो डेटा रिटेंशन' और 'प्राइवेट सेफ्टी प्रोसेसिंग' के उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल किए गए हैं।
उपलब्धता और एपीआई शुल्क संरचना
ओपनएआई ने इस मॉडल को वैश्विक स्तर पर तत्काल प्रभाव से सक्रिय कर दिया है। यह सुविधा चैटजीपीटी प्लस, प्रो, बिजनेस और एंटरप्राइज उपयोगकर्ताओं के लिए जारी की गई है। क्लाउड स्तर पर इसे माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर और एडब्ल्यूएस बेडरॉक के साथ एकीकृत किया गया है। डेवलपर्स के लिए स्टैंडर्ड एपीआई की दर 10 डॉलर प्रति 1 मिलियन इनपुट टोकन और 50 डॉलर प्रति 1 मिलियन आउटपुट टोकन निर्धारित की गई है। अत्यधिक गति चाहने वाले उद्यमों के लिए इसका हाई-स्पीड विकल्प भी जारी किया गया है, जिसकी गति और लागत दोनों सामान्य से दोगुनी होगी।


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