BJP-कांग्रेस को ओवैसी की चुनौती, बोले- बेनीवाल के साथ मिलकर खड़ा करेंगे मजबूत तीसरा विकल्प
जयपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को राजस्थान के सियासी परिदृश्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला। ओवैसी ने कहा कि राज्य की जनता को अब एक सशक्त तीसरे राजनीतिक विकल्प की दरकार है। उन्होंने घोषणा की कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के साथ उनका गठबंधन सिर्फ स्थानीय निकाय चुनावों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों दल आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव और संभवत: उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में भी मिलकर ताल ठोकेंगे।
AIMIM और RLP का गठबंधन सिर्फ निकायों तक सीमित नहीं
जयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने साफ किया कि RLP और AIMIM का तालमेल दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह गठबंधन आगामी विधानसभा चुनावों में सांप्रदायिक और जनविरोधी ताकतों का मजबूती से मुकाबला करेगा। ओवैसी ने संकेत दिया कि दोनों दल इस समन्वय को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक भी आगे ले जा सकते हैं। उन्होंने आक्रामक तेवर में कहा, "हम झुकेंगे नहीं, अब उन्हें झुकाएंगे। हम रोएंगे नहीं, अब उन्हें रुलाएंगे।"
राजस्थान में तीसरे मोर्चे की वकालत, बेनीवाल के साथ मजबूती से खड़े
ओवैसी ने राज्य में दो-दलीय व्यवस्था को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हनुमान बेनीवाल राजस्थान में तीसरे राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरते हैं, तो AIMIM पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि दोनों पार्टियां मिलकर भाजपा और कांग्रेस के स्थापित नेताओं की मुश्किलें बढ़ाएंगी। ओवैसी ने मतदाताओं से अपील की कि वे AIMIM के प्रत्याशियों और RLP के चुनाव चिह्न 'बोतल' पर मैदान में उतरे उम्मीदवारों को अपना पूरा समर्थन दें।
शिक्षा, स्वास्थ्य और विरासत फंड पर सरकार को घेरा
AIMIM प्रमुख ने राजस्थान की मौजूदा सरकार की नीतियों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर कई सवाल खड़े किए:
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सरकारी स्कूलों की बदहाली: राज्य के हजारों सरकारी स्कूलों और कक्षाओं की जर्जर स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या सरकार छात्रों और शिक्षा के बुनियादी मुद्दों को लेकर गंभीर है।
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स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही: राजधानी के प्रतिष्ठित एसएमएस अस्पताल और उसके ट्रॉमा सेंटर की स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने आईसीयू और रेडियोलॉजी जैसी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई।
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विरासत संरक्षण फंड: जयपुर की ऐतिहासिक धरोहरों और स्मारकों के संरक्षण के लिए जारी किए गए फंड के सही इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने सरकार से पारदर्शिता की मांग की।
ध्रुवीकरण और धार्मिक स्थलों की राजनीति का लगाया आरोप
भाजपा पर सीधा प्रहार करते हुए ओवैसी ने कहा कि सत्ताधारी दल के पास जनसरोकार और आम जनता की समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं है। ध्यान भटकाने के लिए केवल हिंदू-मुस्लिम तनाव पैदा करने वाले मुद्दे उछाले जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर राजनीति की जा रही है। अपने संबोधन में उन्होंने सहारनपुर के साथ-साथ बाड़मेर और जैसलमेर में मस्जिदों से जुड़े हालिया घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए देश में नफरत की राजनीति पर विराम लगाने और आम आदमी की समस्याओं को राजनीति के केंद्र में लाने का आह्वान किया।


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