बलरामपुर: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मनीराम यादव एक बार फिर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय धन के दुरुपयोग के आरोपों के घेरे में आ गए हैं। इससे पूर्व 2.42 करोड़ रुपये के वित्तीय गबन सहित अन्य मामलों में चार बार निलंबित हो चुके डीईओ यादव पर इस बार 4.51 करोड़ रुपये की संदिग्ध खरीदी का आरोप लगा है। कलेक्टर द्वारा कराई गई प्रशासनिक जांच में खरीदी प्रक्रिया से जुड़ी कई व्यापक धांधलियां उजागर हुई हैं।

कैबिनेट मंत्री की दोटूक चेतावनी, होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई

करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे डीईओ के मामले पर छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का कड़ा रुख सामने आया है। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पूरा मामला उनके संज्ञान में है और उनके जिले में ऐसे भ्रष्टाचारी अधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रकरण से संबंधित जांच रिपोर्ट राज्य स्तर तक पहुंच चुकी है तथा आरोपी अधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

डीईओ पर पूर्व में भी लगे गंभीर आरोप, विभागीय जांच लंबित

प्रभारी डीईओ मनीराम यादव का विवादों से पुराना नाता रहा है। उन पर शासकीय कार्यक्रमों के निमंत्रण पत्रों में राजनीतिक चुनाव चिन्ह के प्रयोग से लेकर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ), स्वच्छता सामग्री, अध्ययन किट, साइकिल वितरण और फर्नीचर की खरीद में वित्तीय हेरफेर के आरोप लगते रहे हैं। पूर्व पदस्थापनाओं के दौरान भी वे निलंबन और विभागीय जांचों का सामना कर चुके हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

4.57 करोड़ के बजट में नियमों को ताक पर रखकर 4.51 करोड़ का किया भुगतान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में शिक्षा विभाग को छह प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल 4.57 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। इस राशि का उपयोग छात्र-छात्राओं के लिए साइकिल, खेलकूद का सामान, विज्ञान एवं तकनीकी किट, फर्नीचर और स्टेशनरी खरीदने में किया जाना था। आरोप है कि डीईओ मनीराम यादव ने निर्धारित शासकीय नियमों व टेंडर प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए 4.51 करोड़ रुपये की राशि का मनमाने ढंग से भुगतान कर दिया।