अंबिकापुर: सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की सैकड़ों छात्राएं सोमवार को अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर सीधे जिला मुख्यालय अंबिकापुर पहुंच गईं। लगभग 30 किलोमीटर की दूरी तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचीं इन छात्राओं ने बिना किसी हंगामे और नारेबाजी के बेहद शालीन ढंग से कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात की। कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के आगमन से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

एक महीने से बिजली गुल और पढ़ाई की बदहाली का आरोप

छात्राओं ने कलेक्टर को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि उनके हॉस्टल में पिछले एक महीने से बिजली की व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे भीषण गर्मी और अंधेरे के बीच उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने हॉस्टल परिसर में साफ-सफाई के अभाव, गुणवत्ताहीन भोजन और दो मुख्य विषयों के शिक्षकों द्वारा पढ़ाई में की जा रही लापरवाही की ओर ध्यान आकर्षित किया। संवाद के दौरान लंबी यात्रा और थकान के कारण एक छात्रा अचानक मूर्छित होकर गिर पड़ी, जिसे तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजकर उपचार उपलब्ध कराया गया।

कलेक्टर ने समीक्षा बैठक रोककर सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

जिस समय छात्राएं पहुंचीं, उस दौरान कलेक्टर अजीत वसंत अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक ले रहे थे। छात्राओं की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बैठक बीच में ही रोक दी और उनसे सीधा संवाद किया। कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायतें सुनने के उपरांत संबंधित विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल प्रभाव से आश्रम, हॉस्टल व स्कूल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश दिए। मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि भी पहुंचे और छात्राओं का हालचाल जाना।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

कलेक्टर अजीत वसंत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्राओं ने मुख्यतः हॉस्टल की सफाई, एक माह से लंबित बिजली आपूर्ति और दो विषयों की अध्यापन व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों को त्वरित समाधान के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि हिदायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ या भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा निर्मित हुई, तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।