इंदौर| इंदौर के डीआरपी लाइन चौराहे के पास सोमवार शाम एक भयानक हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़ा लगभग 70 साल पुराना विशाल वृक्ष अचानक चलती कार पर गिर गया। इस दुखद हादसे में डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंगी की मां राधा देवी सिंगी (75) की जान चली गई। वह मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाकर अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर वापस लौट रही थीं।

कार सवार चार लोगों में से एक की मौके पर ही मौत

घटना के समय वाहन में राधा देवी के साथ उनका पोता प्रखर सिंगी (29), वैशाली जायसवाल (53) और चालक मुकेश पालीवाल (45) सवार थे। पुलिस जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे पेड़ का भारी-भरकम हिस्सा सीधे कार पर आ गिरा। इसकी चपेट में आने से राधा देवी का सिर और गर्दन बुरी तरह दब गए, जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार में मौजूद अन्य घायलों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।

सवा घंटे के कड़े प्रयास के बाद निकाला जा सका शव

दुर्घटना के तुरंत बाद राहगीरों ने पेड़ हटाने की कोशिश की, लेकिन भारी तने को हिलाना असंभव था। इसके बाद मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम ने वुड कटर की मदद से पेड़ की टहनियों को काटना शुरू किया। लगभग सवा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला जा सका। इस घटना के कारण काफी देर तक सड़क पर आवाजाही पूरी तरह बाधित रही।

जर्जर स्थिति को लेकर पूर्व में शिकायत का दावा

क्षेत्रीय निवासियों का आरोप है कि यह पुराना पेड़ लंबे समय से खोखला और खतरनाक स्थिति में था। इसकी शिकायत नगर निगम के कंट्रोल रूम में भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से समय पर कोई कदम नहीं उठाया गया। इस हादसे के बाद अब शहर भर में सड़क किनारे लगे पुराने व जर्जर पेड़ों की सुरक्षा जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रशासनिक बैठक छोड़कर पहुंचीं डिप्टी कलेक्टर

जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंगी संभागायुक्त भास्कर लक्षकार की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में शामिल थीं। घटना की खबर मिलते ही वह तुरंत बैठक छोड़कर मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संभागायुक्त ने भी बैठक स्थगित कर दी और पुलिस व निगम अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य के निर्देश दिए।

पीड़ित परिवार ने राहत कार्य में देरी का लगाया आरोप

मृतका के परिजनों ने प्रशासनिक लापरवाही और राहत कार्य में देरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे के बाद जेसीबी मशीन और कटर टीम को मौके पर पहुंचने में काफी वक्त लग गया। यदि समय रहते राहत दल पहुंच जाता, तो स्थिति कुछ और हो सकती थी।