चुनावी रंग के बीच मौसम भी बदलेगा करवट, राजस्थान में 11 से बारिश की संभावना
जयपुर। राजस्थान में मौसम का मिजाज इन दिनों लगातार बदल रहा है। मानसूनी हवाएं सुस्त पड़ने के कारण फिलहाल दो दिन तक प्रदेशभर में बारिश के आसार बेहद कम हैं। हालांकि, 11 सितंबर से मौसम की स्थिति में फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में आकार ले रहे नए कम दबाव के क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) के प्रभाव से 11 से 14 सितंबर के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 9 और 10 सितंबर को राजस्थान के अधिकांश इलाकों में बारिश का जोर काफी कम रहेगा। इस दौरान ज्यादातर जिलों में आसमान साफ रहने और तेज धूप खिलने से पारे में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इसके बाद 11 सितंबर से बादलों का डेरा जमने के साथ ही वर्षा का नया दौर प्रारंभ हो सकता है।
11 सितंबर से शुरू होगा बारिश का नया दौर
बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर को बनने वाले नए दबाव के असर से पूर्वी राजस्थान और उससे सटे इलाकों में 11 से 13 सितंबर के दौरान बरसात की गतिविधियां जोर पकड़ सकती हैं। प्रादेशिक मौसम केंद्र के मुताबिक, जयपुर में 11, 12 और 13 सितंबर को मेघगर्जन के साथ वर्षा होने का अनुमान है। वहीं 14 सितंबर को भी राजधानी में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, विभाग ने अभी पूरे प्रदेश में भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी (अलर्ट) जारी नहीं की है।
14 सितंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी
अगले कुछ दिनों तक राज्य भर में मौसम में फेरबदल की स्थिति बनी रहेगी। 9 और 10 सितंबर को जहां लोगों को तेज धूप और उमस परेशान करेगी, वहीं 11 सितंबर से बादलों की मौजूदगी और वर्षा राहत लेकर आ सकती है। 12 और 13 सितंबर को वर्षा की तीव्रता बढ़ने के बाद 14 सितंबर को भी कई क्षेत्रों में बौछारें गिर सकती हैं। जयपुर में 14 सितंबर को दिन का अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस रहने और बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पारे की उछाल से उमस और गर्मी बढ़ी
मानसून की रफ्तार धीमी पड़ते ही प्रदेश के तापमान में इजाफा दर्ज किया गया है, जिससे लोग गर्मी और उमस से बेहाल हैं। श्रीगंगानगर में पारा करीब 39 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जबकि जयपुर में भी दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जयपुर में 9 और 10 सितंबर को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास टिके रहने का अनुमान है। इसके बाद 11 तारीख से बारिश की गतिविधियों के साथ ही पारे में कुछ गिरावट आ सकती है।
मानसून की विदाई में हो सकती है देरी
प्रदेश में मानसून के कमजोर पड़ते ही इसकी वापसी को लेकर अटकलें शुरू हो गई थीं। हालांकि, यदि 11 सितंबर से सक्रिय होने वाला नया तंत्र पूर्वी राजस्थान में अच्छी बारिश कराता है, तो मानसून की विदाई का समय आगे बढ़ सकता है। फिलहाल सितंबर के दूसरे सप्ताह में राजस्थान के अंदर मौसम का यह मिला-जुला रूप और उतार-चढ़ाव यूं ही बना रहेगा।


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