जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के अंतर्गत आज, 9 सितंबर को वोट डाले जा रहे हैं। सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलने वाले इस मतदान में प्रदेश के 162 नगरीय निकायों के कुल 5,393 वार्डों में प्रक्रिया संपन्न होगी। इस चरण में लगभग 57.5 लाख मतदाता 20 हजार से अधिक उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला ईवीएम में दर्ज करेंगे।

यह चुनाव यद्यपि वार्ड पार्षद चुनने के लिए कराया जा रहा है, लेकिन इसका राजनीतिक असर बेहद व्यापक है। प्रथम चरण का यह मतदान राज्य की 54 विधानसभा सीटों के शहरी एवं कस्बाई क्षेत्रों के वोट बैंक को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, जिनमें से 32 सीटों पर सत्तारूढ़ बीजेपी के विधायक हैं। ऐसे में यह मतदान और 14 सितंबर को घोषित होने वाले परिणाम कई जनप्रतिनिधियों के लिए किसी 'मिनी विधानसभा चुनाव' की तरह देखे जा रहे हैं।

4 नगर निगम सहित 162 निकायों में मतदान प्रक्रिया जारी

पहले चरण के दौरान 4 नगर निगम (अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा), 27 नगर परिषद और 131 नगर पालिकाओं में चुनावी मुकाबला है। 5,393 वार्डों के लिए मैदान में डटे 20,623 प्रत्याशियों में से अधिकांश के लिए मतदाता आज वोट डाल रहे हैं। निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। मतदाताओं को बूथ पर जाने से पूर्व अपना वोटर आईडी कार्ड या निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 11 फोटो पहचान पत्रों में से कोई एक साथ ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।

54 विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों की साख दांव पर

इस चरण के अंतर्गत आने वाले निकाय क्षेत्र प्रदेश की 54 विधानसभा सीटों से संबंध रखते हैं, जहां 32 विधायक बीजेपी के हैं। वार्डों के नतीजे यह तय करेंगे कि किस विधायक की अपने क्षेत्र में जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं का कद संगठन स्तर पर बढ़ेगा, वहीं खराब नतीजों की स्थिति में गुटबाजी और टिकट वितरण पर सवाल खड़े होंगे। यही वजह है कि स्थानीय नेता और विधायक कई दिनों से वार्ड स्तर पर पूरी ताकत झोंक चुके हैं।

जयपुर और कोटपूतली-बहरोड़ में दिलचस्प स्थिति

जयपुर और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों पर राजनीतिक विश्लेषकों की खास नजर बनी हुई है। जयपुर जिले की चौमूं, शाहपुरा, बगरू, चाकसू और दूदू सीटों के साथ-साथ कोटपूतली-बहरोड़ की कोटपूतली, विराटनगर और बानसूर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े निकायों में कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। यहां पार्षदों की जीत के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों का रिपोर्ट कार्ड भी तय होगा।

जयपुर नगर निगम में 11 सितंबर को होगी वोटिंग

जयपुर मुख्य शहर के नगर निगम चुनाव प्रथम चरण का हिस्सा नहीं हैं। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में दूसरे चरण के तहत 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। हालांकि, जयपुर जिले की 18 छोटी नगर पालिकाओं और परिषदों में आज ही मतदान संपन्न हो रहा है।

कहीं बहुकोणीय मुकाबला तो कहीं सीधी फाइट

निकायों में चुनावी समीकरण भिन्न नजर आ रहे हैं। कोटा के सुकेत और धौलपुर के मनियाजां जैसे क्षेत्रों में कुछ वार्डों में 6 से 7 उम्मीदवार आमने-सामने हैं। वहीं कई छोटी नगर पालिकाओं में सीधी द्विपक्षीय टक्कर देखी जा रही है, जहां स्थानीय व्यक्तिगत संपर्क और सामाजिक समीकरण अहम भूमिका निभाएंगे।

14 सितंबर को सुबह 8 बजे से होगी मतगणना

प्रथम और द्वितीय चरण के मतदान के बाद सभी 162 निकायों की मतगणना 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से शुरू की जाएगी। इसी दिन 5,393 वार्डों के नतीजे सामने आएंगे। इसके उपरांत 21 सितंबर को निकाय प्रमुखों (अध्यक्ष, सभापति और मेयर) का निर्वाचन संपन्न होगा, जिसके साथ ही शहरी निकायों की नई कार्यकारिणी का गठन पूरा हो जाएगा।