डेटा सेंटर को लेकर आदित्य ठाकरे का एकनाथ शिंदे पर निशाना, ‘दरे गांव में बनवा दो’
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में प्रस्तावित 22 मंजिला डेटा सेंटर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने इस परियोजना का जोरदार विरोध करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें डेटा सेंटर निर्माण से आपत्ति नहीं है, बल्कि इसे घने रिहायशी इलाके के बीच बनाए जाने पर सवाल है। तंज कसते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि इस डेटा सेंटर को दरे गांव में एक शख्स के बड़े बंगले में बना दिया जाए, जो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का पैतृक गांव है।
24 घंटे 90 डेसिबल शोर और गर्मी का दावा
महाराष्ट्र के पूर्व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने बताया कि यह डेटा सेंटर दो चरणों में कुल 53 एकड़ क्षेत्र में निर्मित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसके संचालन से आसपास के रिहायशी इलाकों में 24 घंटे लगभग 90 डेसिबल तक अत्यधिक शोर रहेगा। इसके अतिरिक्त, कूलिंग सिस्टम (एसी) से निकलने वाली गर्म हवाओं के कारण आसपास के तापमान में भारी वृद्धि होगी, जिससे लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने वाले नागरिकों का रहना दूभर हो जाएगा।
पानी की भारी खपत और 5 लाख लीटर डीजल भंडारण पर उठाए सवाल
पर्यावरणीय और सुरक्षा जोखिमों को रेखांकित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस विशाल डेटा सेंटर के लिए अत्यधिक मात्रा में जल और बिजली की खपत होगी। साथ ही, परिसर में आपातकालीन ईंधन के तौर पर 5 लाख लीटर डीजल का भंडारण किया जाएगा, जो आसपास की घनी आबादी के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा है। उनका आरोप है कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार बेहद कम मिलेगा, जबकि नुकसान पूरी तरह ठाणेवासियों को झेलना पड़ेगा।
'सरकार आने पर रद्द करेंगे प्रोजेक्ट'
आदित्य ठाकरे ने स्थानीय दो विधायकों, एक सांसद और चार नगरसेवकों पर इस मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने ऐलान किया कि वे राजनीतिक भेदभाव से परे हटकर ठाणे की जनता के साथ लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने वादा किया कि राज्य में उनकी सरकार बनने पर रिहायशी इलाके के लिए खतरा बने इस प्रोजेक्ट को शहर से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।


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