रांची। झारखंड की राजधानी रांची में हाल के दिनों में एटीएम फ्रॉड की वारदातों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। शातिर अपराधी कांके, नामकुम सहित राजधानी के विभिन्न इलाकों में स्थित एटीएम बूथों को निशाना बना रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों द्वारा एटीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ करने की तस्वीरें भी कैद हुई हैं, जिनके आधार पर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

कार्ड फंसाकर और बदलकर लाखों की ठगी

ठगी का शिकार हुए कलाम अंसारी ने बताया कि कांके रोड स्थित पीएनबी एटीएम में उनका डेबिट कार्ड फंस गया था। तभी वहां मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कथित 'गार्ड' का फर्जी नंबर दिया। फर्जी गार्ड ने चाबी देने के बहाने उन्हें कांके पुल बुलाया और उनके जाते ही खाते से 2.5 लाख रुपये निकाल लिए। दूसरी घटना में लाल धनंजयनाथ शाहदेव का एटीएम कार्ड बदलकर अपराधियों ने 45 हजार रुपये उड़ा लिए।

बिहार के गिरोह पर संदेह, पुलिस जांच में जुटी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन वारदातों के पीछे बिहार के गया और नवादा जिले के अपराधियों का हाथ होने की आशंका है। साइबर सेल के डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि अपराधी दूर-दराज के बिना गार्ड वाले एटीएम बूथों को निशाना बना रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम संदिग्धों की तलाश कर रही है।

सावधान रहें: साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

साइबर सेल ने आम नागरिकों से एटीएम का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने की अपील की है और बचाव के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • फर्जी नंबरों पर कॉल न करें: कार्ड फंसने पर एटीएम परिसर में लिखे किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। केवल बैंक के आधिकारिक नंबर या डायल 112 पर सूचना दें।

  • मशीन की जांच करें: एटीएम कार्ड का उपयोग करने से पहले देख लें कि कार्ड स्लॉट में कोई चिपचिपा पदार्थ या स्किमिंग डिवाइस तो नहीं लगा है।

  • अपरिचितों से बचें: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना एटीएम कार्ड न सौंपें और न ही पिन नंबर साझा करें।

  • गार्ड वाले एटीएम चुनें: ऐसे एटीएम बूथ का उपयोग करने का प्रयास करें जहां सुरक्षाकर्मी तैनात हों।