कुमार विश्वास ने Gen Z को दी नसीहत, बोले- आज गाली देना कूल लगेगा, बाद में हनुमान जी याद आएंगे
मुंबई:अपनी बेबाक बयानबाजी और कविताओं के लिए जाने जाने वाले कवि डॉ. कुमार विश्वास ने देश की युवा पीढ़ी (Gen Z) के आचरण और भाषा शैली को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने युवाओं को मर्यादा और व्यावहारिक जीवन की वास्तविकताओं का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बुजुर्ग नेतृत्व का अपमान करना 'कूल' होना नहीं है और जब जीवन की वास्तविक जिम्मेदारियां सामने आएंगी, तब ईश्वर का स्मरण ही काम आएगा।
प्रधानमंत्री को गाली देना 'कूल' होना नहीं: कुमार विश्वास
एक विशेष मीडिया कार्यक्रम के दौरान डॉ. कुमार विश्वास ने युवाओं द्वारा इस्तेमाल की जा रही भाषा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चौराहे पर खड़े होकर 76 वर्ष के देश के प्रधानमंत्री को अपमानजनक शब्द कहना कोई बहादुरी या आधुनिकता नहीं है। प्रधानमंत्री बड़े दिल वाले हैं जिन्होंने इसे बच्चों की नादानी मानकर माफ कर दिया, लेकिन असली दुनिया की कसौटी पर अभी इन युवाओं का खरा उतरना बाकी है।
भविष्य की व्यावहारिक चुनौतियों से कराया अवगत
युवाओं को आगाह करते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि जीवन हमेशा सोशल मीडिया के लाइक्स, कमेंट्स या ट्रोलिंग के भरोसे नहीं चलता। जब 5-6 साल बाद ये युवा व्यावहारिक जीवन में कदम रखेंगे, नौकरी तलाशेंगे, गृहस्थी चलाएंगे और परिवार की उम्मीदों का बोझ उनके कंधों पर आएगा, तब उन्हें समझ आएगा कि असली जिंदगी का संघर्ष क्या होता है।
'संघर्ष के समय याद आएंगे हनुमान जी'
सांस्कृतिक पतन पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जब युवाओं को अपनी बुनियादी जरूरतों और जिम्मेदारियों के लिए संघर्ष करना पड़ेगा, तब सारे भ्रम दूर हो जाएंगे। ऐसे कठिन समय में घर में रखे देवी-देवता और ईश्वर ही याद आएंगे और युवा संकटमोचन हनुमान जी की शरण में जाकर ही मदद की गुहार लगाएंगे। उनके इस बयान के बाद देश भर में भाषाई मर्यादा और युवाओं के संस्कारों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।


शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान
लम्पी स्किन डिजीज की स्थिति पर बैठक