विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाकर दीपक बैज ने घेरा सरकार को
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) दीपक बैज ने राजधानी रायपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था को लेकर साय सरकार पर जमकर प्रहार किया। दीपक बैज ने इस दौरान न सिर्फ अपना मोबाइल फोन चोरी होने और अब तक न मिलने का मुद्दा उठाकर भेदभाव का आरोप लगाया, बल्कि बेमेतरा में 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना' के तहत भाजपा विधायक दीपेश साहू द्वारा शादी किए जाने को लेकर भी सरकार को बुरी तरह घेरा।
'विपक्ष का सामान गुम जाए, यही चाहती है सरकार' – दीपक बैज
अपने चोरी हुए मोबाइल का जिक्र करते हुए पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने तंज कसा, "बीजेपी के वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक का फोन चोरी होते ही तुरंत ढूंढ लिया जाता है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा को चूना लगाने वाले जालसाज को तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाता है। लेकिन लंबे समय के बाद भी मेरा मोबाइल आज तक पुलिस बरामद नहीं कर पाई है।" बैज ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है जैसे सरकार चाहती है कि विपक्ष के नेताओं का सब कुछ गुम हो जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन केवल भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के हितों के लिए काम कर रहा है।
विधायक रामकुमार टोप्पो पर कार्रवाई की मांग, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए दीपक बैज ने कहा कि पिछले कुछ समय में ही राज्य के हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। उन्होंने भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो का नाम लेते हुए सीधे सवाल दागे और कहा, "एक तहसीलदार को जबरन अपने निवास पर बुलाकर चेंबर के भीतर मारपीट की जाती है। 'सुशासन तिहार' के नाम पर सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता, मंत्री और विधायक खुलेआम अधिकारियों को धमका रहे हैं। यह पूरी तरह भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता है। मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या सरकार अपने विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ कोई कानूनी एक्शन लेगी? क्या उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा? सुशासन का ढोल पीटने वाली सरकार को ऐसे जनप्रतिनिधि पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।"
'गरीबों की योजना पर डाका डालना बंद करे बीजेपी' – बेमेतरा शादी विवाद
इसके अलावा, दीपक बैज ने बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू को उनके विवाह की शुभकामनाएं देने के साथ ही उनके सामूहिक विवाह मंच को चुनने पर गंभीर नैतिक सवाल खड़े किए। बैज ने बेहद आक्रामक अंदाज में पूछा, "क्या बेमेतरा के सत्ताधारी विधायक गरीबी रेखा (BPL) के अंतर्गत आते हैं, जो वे सरकारी सहायता वाली योजना का लाभ उठा रहे हैं? हर कोई जानता है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रदेश के निर्धन, बेसहारा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए बनाई गई है। एक संपन्न विधायक का इस योजना के तहत फेरे लेना असल में किसी गरीब परिवार के हक पर डाका डालने जैसा है।" उन्होंने इस सादगीपूर्ण विवाह को एक सोची-समझी रणनीति बताते हुए कहा कि यह जनता को गुमराह करने और सुर्खियां बटोरने के लिए किया गया महज एक राजनैतिक स्टंट (प्रोपेगेंडा) है।


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