पड़ोसियों की गवाही से खुली पोल: खुशी को फ्लैट में बंद कर छोड़ जाते थे सौतेले मां-बाप
मेरठ। भावनपुर थाना क्षेत्र की गोकुलधाम सोसाइटी में हुई 12वीं की छात्रा खुशी की सनसनीखेज हत्या के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सोसाइटी के निवासियों और मृतका के ननिहाल पक्ष ने खुशी पर हुए जुल्मों की जो कहानी बयां की है, वह रूह कंपा देने वाली है। परिजनों के मुताबिक, खुशी के पिता कपिल और सौतेली मां पिंकी अक्सर उसे फ्लैट में अकेला बंद कर बाहर घूमने चले जाते थे। हद तो तब हो गई जब एक बार घर का शोपीस (कछुआ) टूटने पर खुशी को डंडे और बेलन से बेरहमी से पीटा गया और तीन दिनों तक दाने-दाने के लिए तरसाया गया।
पड़ोसियों ने बयां किया मासूम का दर्द
खुशी के मामा भूपेंद्र शर्मा जब सबूतों की तलाश में सोसाइटी पहुंचे, तो वहां लगे सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। इसके बाद उन्होंने जब आसपास के लोगों से बात की, तो पड़ोस की एक महिला ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके बच्चे के जन्मदिन पर खुशी आई थी। उसकी आंख पर चोट का निशान देखकर जब सौतेली मां से पूछा गया, तो उसने बात घुमाते हुए कहा कि वह बाथरूम में फिसल गई थी। लेकिन जब खुशी से अकेले में पूछा गया, तो उसने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई थी।
शादी का बनाया जा रहा था दबाव, मौसी ने दी थी भागने की सलाह
परिजनों ने बताया कि आरोपी खुशी को किसी से बात करने के लिए मोबाइल नहीं देते थे। वह स्कूल बस में या स्कूल के साथियों से फोन मांगकर अपने ननिहाल वालों से संपर्क करती थी। एक सामने आई ऑडियो रिकॉर्डिंग में खुशी रोते हुए बता रही है कि उसके पिता और सौतेली मां उस पर जबरन शादी करने का दबाव बना रहे हैं, जिस पर उसकी मौसी उसे वहां से भागकर हापुड़ आने को कह रही थीं।
गला घोंटकर उतारा मौत के घाट, गुपचुप किया अंतिम संस्कार
मेरठ के इस खौफनाक मामले में आरोपी पिता कपिल शर्मा और सौतेली मां पिंकी ने 26 मई को तड़के करीब 4 बजे सोते समय खुशी की तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी थी। वारदात के वक्त सौतेली मां ने खुशी के पैर पकड़े और पिता मुंह पर तब तक तकिया रखकर बैठा रहा जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं। इसके बाद पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपी शव को कार में रखकर जागृति विहार स्थित अपने पैतृक घर पहुंचे और वहां से आनन-फानन में बस करके बृजघाट ले जाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ननिहाल पक्ष की मांग, अन्य रिश्तेदारों पर भी हो कार्रवाई
खुशी के मामा का आरोप है कि इस पूरी साजिश और साक्ष्य मिटाने में खुशी के दादा और चाचा भी शामिल थे, जिन्होंने बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार करवा दिया। इस संबंध में ननिहाल पक्ष के लोग मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर बाकी दोषियों पर भी मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। एसपी देहात अभिजीत कुमार के अनुसार, सबूत छिपाने में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खुशी की मां की भी हुई थी संदिग्ध मौत
परिजनों ने बताया कि खुशी की सगी मां प्रीति की शादी 2009 में कपिल से हुई थी, लेकिन 2017 में उनकी भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप है कि कपिल ने ही उनकी हत्या की थी। प्रीति की मौत के महज छह महीने बाद ही कपिल ने पिंकी से दूसरी शादी कर ली थी। चार साल पहले पिंकी के बेटी होने के बाद से ही खुशी का उत्पीड़न और ज्यादा बढ़ गया था, क्योंकि पिंकी चाहती थी कि उसके बेटा हो और वह खुशी को रास्ते से हटाना चाहती थी।

