भोपाल | मध्य प्रदेश में इस समय नौतपा के बीच भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को आंधी और बारिश ने बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना और भिंड सहित राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई। हालांकि, मुरैना में इस तूफान ने काफी नुकसान भी पहुंचाया, जहां कई घर ढह गए। मलबे में दबने से कई लोग जख्मी हुए हैं और एक महिला के लापता होने की खबर है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी प्रदेश के 9 जिलों में तेज हवाओं और बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।

पारा गिरने से मिली राहत, 9 जिलों में ओले का ऑरेंज अलर्ट

शुक्रवार को हुई इस मानसूनी हलचल के बाद प्रदेश के कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ग्वालियर, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में, जहां पिछले कई दिनों से पारा 44 डिग्री सेल्सियस या उससे पार चल रहा था, वह अब गिरकर 40 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। मौसम केंद्र ने शनिवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, नीमच और मंदसौर में आकाशीय बिजली चमकने, तेज आंधी चलने और ओले गिरने का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।

नौतपा के बीच अगले 4 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम

इस साल 25 मई से नौतपा की शुरुआत हुई थी, जिसके शुरुआती पांच दिनों में सूर्यदेव ने जमकर आग बरसाई। दिन के समय झुलसाने वाली लू (हीटवेव) और उमस भरी रातों ने आम जनजीवन बेहाल कर दिया था। लेकिन अब नौतपा के उत्तरार्ध में मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी 4 से 5 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आंधी-पानी का यह दौर जारी रहेगा, जिससे तपिश से काफी हद तक राहत बनी रहेगी।

प्री-मानसून की दस्तक, मगर मुख्य मानसून में होगी देरी

मध्य प्रदेश में नौतपा के आखिरी दिनों में आंधी और बारिश होना एक पुराना ट्रेंड रहा है, जो इस बार भी देखने को मिल रहा है। इसे विशेषज्ञों द्वारा 'प्री-मानसून एक्टिविटी' (मानसून पूर्व की गतिविधियां) कहा जा रहा है। हालांकि, इस बार प्रदेश में मुख्य मानसून थोड़ा विलंब से दस्तक देगा। इसका सीधा कारण केरल में मानसून के पहुंचने में हो रही देरी है।

मौसम वैज्ञानिकों ने पहले 26 मई को केरल में मानसून आने की संभावना जताई थी, लेकिन अब इसमें करीब 5 दिनों का और समय लगने की उम्मीद है। केरल में एंट्री के बाद ही मानसून देश के बाकी हिस्सों की ओर बढ़ता है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण मध्य प्रदेश में अब 18 जून तक मानसून के पहुंचने के आसार हैं, साथ ही इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका भी व्यक्त की गई है।