गर्मी के बीच राहत की खबर: छत्तीसगढ़ में सक्रिय हुआ प्री-मानसून सिस्टम, मौसम हुआ सुहाना
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नौतपा की भीषण तपिश के बीच मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। बीते 24 घंटों के दौरान उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई अंचलों में इस मौसमी बदलाव का व्यापक असर देखने को मिला।
राजनांदगांव में सबसे ज्यादा तपिश
मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, राजनांदगांव राज्य का सबसे तप्त इलाका रहा, जहां का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा दुर्ग में 44.5 डिग्री, राजधानी रायपुर में 42.8 डिग्री, कवर्धा में 42.3 डिग्री और बिलासपुर में 42 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। वहीं, जगदलपुर में 38.6 डिग्री और अंबिकापुर में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।
तेज बौछारों से घुली ठंडक
शुक्रवार को अंबिकापुर और सूरजपुर के इलाकों में हुई मूसलधार बारिश से मौसम काफी सुहावना हो गया। इसके बाद प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी तीन दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।
तूफान और ओले गिरने की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने रायपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों के लिए तेज अंधड़ और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। इस दौरान कुछ जगहों पर हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जिससे सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
कई जिलों में कुदरत का असर
इससे पहले रायगढ़ और सुकमा में आए तेज तूफान के चलते कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने की खबरें आई थीं। उधर, बालोद जिले में अत्यधिक गर्मी के कारण चमगादड़ों की लगातार हो रही मौतों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बचाव के लिए पेड़ों पर पानी की बौछारें करवाई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का यह मिलाजुला रूप जारी रह सकता है।


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