रांची | झारखंड के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रकृति का बेहद रौद्र रूप देखने को मिला है। राज्य के चार अलग-अलग जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से एक मासूम बच्ची और दो महिलाओं समेत कम से कम पांच लोगों की असमय मौत हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गढ़वा जिले में बिजली गिरने से दो लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि रांची, धनबाद और बोकारो जिलों में एक-एक व्यक्ति इस दैवीय आपदा का शिकार बना है।


बगीचे में आम बीनने गई थी मासूम, बिजली गिरने से मौके पर ही थमी सांसें

वज्रपात की सबसे हृदयविदारक घटना राजधानी रांची के इटकी थाना अंतर्गत कुल्ली गांव में सामने आई। यहां 12 वर्ष की मासूम आश्रिता अपने माता-पिता के साथ खेत के समीप बगीचे में आम बीनने के लिए गई हुई थी। इसी दौरान अचानक तेज कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे उस मासूम पर आ गिरी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बच्ची के माता-पिता भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इसी तरह गढ़वा के कांडी क्षेत्र के गराखुर्द में एक 45 वर्षीय महिला और बनाजंघा गांव में एक 32 वर्षीय युवक की जान चली गई। वहीं धनबाद के राजगंज और बोकारो के पिंडराजोरा में भी क्रमशः एक महिला और एक 21 वर्षीय युवक वज्रपात की चपेट में आ गए।

भारी बारिश से लुढ़का पारा, मौसम विभाग ने 13 जिलों के लिए जारी किया 'ऑरेंज अलर्ट'

शुक्रवार से शुरू हुआ तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने का यह सिलसिला शनिवार सुबह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में जारी रहा। इस मौसमी बदलाव के कारण झुलसाने वाली गर्मी से जूझ रहे झारखंड वासियों को बड़ी राहत मिली है और पूरे सूबे में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रांची, बोकारो, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और गोड्डा सहित सूबे के 13 संवेदनशील जिलों के लिए रविवार सुबह तक गरज-चमक के साथ तेज वज्रपात का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है और लोगों को खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी है।

दो ट्रफ सिस्टम सक्रिय होने से बदला मिजाज, अगले चार दिनों में फिर चढ़ेगा पारा

रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में वायुमंडल में दो ट्रफ सिस्टम (कम दबाव के क्षेत्र) एक साथ सक्रिय हुए हैं, जिसके चलते अचानक मौसम का यह मिजाज बदला है। इस मौसमी तंत्र के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक, डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.2 डिग्री कम है, जबकि चाईबासा में 33.4 डिग्री और रांची में पारा लुढ़ककर 27.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हालांकि, मौसम केंद्र का अनुमान है कि यह राहत अस्थायी है और अगले चार दिनों के भीतर सूबे के तापमान में एक बार फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जाएगी।