चित्रकूट में बिजली विभाग की कार्रवाई पर सवाल, जज के आवास से जुड़ा मामला सुर्खियों में
चित्रकूट: मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार रात से ही तेज आंधी और झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। इसी मौसमी उथल-पुथल के बीच सतना जिले के धार्मिक नगरी चित्रकूट में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, आंधी-तूफान के कारण शहर की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई थी, जिसे बिजली विभाग के मैदानी अमले ने कड़ी मशक्कत के बाद दुरुस्त कर दिया। इसके बावजूद तकनीकी खराबी के चलते शहर के तीन मकानों की लाइट चालू नहीं हो सकी, जिनमें से एक आवास स्थानीय जज का था। अपने घर में अंधेरा देख जज साहब इस कदर भड़क गए कि सीधे बिजली सब-स्टेशन जा धमके और कथित तौर पर धौंस जमाकर पूरे शहर की बिजली सप्लाई ही ठप करवा दी।
'जब मेरे घर में अंधेरा है, तो पूरे शहर की बत्ती गुल करो'
यह पूरा विवाद रजौला विद्युत सब-स्टेशन का है। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता (एसई) प्रशांत सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आंधी के बाद प्रभावित हुए अधिकांश इलाकों की बिजली बहाल कर दी गई थी। लेकिन न्यायिक मजिस्ट्रेट राम अवतार पटेल के सरकारी बंगले की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई थी। आरोप है कि इससे नाराज होकर जज राम अवतार पटेल अपने सुरक्षाकर्मियों (सिपाहियों) के साथ रजौला सब-स्टेशन पहुंच गए और वहां तैनात ड्यूटी ऑपरेटर को बुरी तरह धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने आपा खोते हुए कहा कि जब तक उनके घर की लाइट ठीक नहीं होती, तब तक पूरे शहर को अंधेरे में रखा जाए। इसके बाद कई घंटों तक पूरा इलाका ब्लैकआउट का शिकार रहा।
ऑपरेटर को निकाला बाहर, मोबाइल छीना और सिपाहियों का पहरा लगाया
सब-स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों का आरोप है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ऑन-ड्यूटी ऑपरेटर को डांट-फटकार लगाकर रूम से बाहर खदेड़ दिया और खुद कंट्रोल रूम के भीतर जाकर बैठ गए। इस दौरान उनके साथ आए सिपाहियों ने सब-स्टेशन के मुख्य दरवाजे पर कड़ा पहरा लगा दिया ताकि कोई भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी अंदर प्रवेश न कर सके। आरोप यह भी है कि जज साहब ने ऑपरेटर का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया ताकि वह उच्च अधिकारियों को इस तानाशाही की सूचना न दे सके।
सड़कों पर उतरी जनता, पुलिस कमिश्नरी में शिकायत दर्ज
शक्तियों के दुरुपयोग पर भड़के शहरवासी भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक पूरे शहर की बत्ती गुल होने से स्थानीय नागरिकों का धैर्य जवाब दे गया। जब सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोग रजौला सब-स्टेशन पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। जज की इस मनमानी के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने सब-स्टेशन के बाहर जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पीड़ित कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने सीधे थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि यह सीधे तौर पर संवैधानिक पद और शक्तियों का खुला दुरुपयोग है। वहीं, स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़ा आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


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